नई दिल्ली : दुनिया जहान में ऐसी कई जगह हैं जहां प्रकृति की केवल खूबसूरत ही नहीं बल्कि खतरनाक और रहस्यमयी झलक भी दिखती है। इथियोपिया के डानाकिल डिप्रैशन में स्थित डालोल क्षेत्र पृथ्वी पर सबसे खतरनाक और अनोखे स्थानों में से एक है। यहां हाइड्रोथर्मल सिस्टम में नमक की चिमनियां, गर्म झरने और बेहद अम्लीय पानी है। डालोल क्षेत्र नमक से भरे ज्वालामुखी के मुख यानि क्रेटर पर स्थित है। जलतापीय गतिविधियों के कारण इस क्रेटर से लगातार उबलता पानी और जहरीली गैसें निकलती रहती हैं।
अमरीकी स्पेस एजैंसी नासा के अनुसार, यह इलाका रंग-बिरंगा और साइकेडेलिक दिखता है। पीले जमाव सल्फेट से बने हैं, लाल हिस्से आयरन ऑक्साइड के हैं व कॉपर सॉल्ट पानी को हरा रंग देते हैं। सुपरसैचुरेटेड पानी का तापमान 94 डिग्री सैल्सियस से ज्यादा तक पहुंच जाता है। वहीं, पीएच लैवल 0.25 तक गिर जाता है जो बेहद अम्लीय है। इलाका अत्यधिक नमकीन भी है जहां नमक की चिमनियां आम हैं। स्पेन के एस्ट्रोबायोलॉजी सेंटर के डॉ. फेलिप गोमेज की अगुवाई वाली अंतर्राष्ट्रीय टीम ने इस क्षेत्र का अध्ययन किया। सैंपल जनवरी 2017 में इथियोपिया की फील्ड ट्रिप के दौरान लिए गए थे।
नतीजे साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुए। टीम ने पीली नमक की चिमनी की दीवारों से नमक के जमाव और आसपास के नीले पानी के पूल से सैंपल इकट्ठा किए। इन्हें स्टेराइ शीशियों में स्पेन ले जाकर इलैक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी, कैमिकल एनालिसिस और डीएनए सीक्वैंसिंग से जांचा गया।

