Site icon Dainik Savera Times

राजस्थान का ‘भूतिया हाईवे’, रात में गूंजती हैं रहस्यमयी आवाजें

Rajasthan Haunted Highway Mystery

Rajasthan Haunted Highway Mystery

राजस्थान की रेतीली धरती पर जहां एक ओर राजसी वैभव और इतिहास की गूंज सुनाई देती है वहीं कुछ रास्ते ऐसे भी हैं जो अपने भीतर अनकही और सिहरन पैदा कर देने वाली कहानियां समेटे हुए हैं। इन्हीं में से एक है Delhi-Jaipur Highway का वह हिस्सा जिसे स्थानीय लोग आज भी ‘भूतिया हाईवे’ कहकर याद करते हैं।

कहा जाता है कि दिन के उजाले में यह सड़क बिल्कुल सामान्य लगती है – गाड़ियों की आवाजाही, धूल भरी हवाएं और दूर तक फैली वीरानी। लेकिन जैसे ही रात का सन्नाटा उतरता है इस रास्ते का मिजाज बदलने लगता है।

रात का सन्नाटा और अजीब फुसफुसाहटें
स्थानीय लोगों की मानें तो देर रात जब इस सड़क पर ट्रैफिक कम हो जाता है तो माहौल अजीब-सा महसूस होने लगता है। कुछ ड्राइवर बताते हैं कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे कोई दूर से हंस रहा हो तो कभी अचानक सिसकियों जैसी आवाजें सुनाई देती हैं। यह आवाजें इतनी हल्की होती हैं कि समझ नहीं आता- यह हवा का खेल है या कुछ और।

ये भी पढ़ें: https://dainiksaveratimes.com/ajab-gajab/a-man-built-solar-car-using-scrap-and-old-materials/

सफेद साया करीब आते ही हो जाता है गायब

इस सड़क से जुड़ी सबसे मशहूर कहानी उस “सफेद साए” की है। कई लोगों का दावा है कि उन्होंने रात के समय सड़क किनारे एक सफेद कपड़ों में खड़ी आकृति को देखा है। दूर से वह बिल्कुल साफ नजर आती है लेकिन जैसे ही गाड़ी उसके पास पहुंचती है वह अचानक गायब हो जाती है- मानो कभी वहां थी ही नहीं। कुछ ड्राइवरों ने तो यह भी कहा कि उस साए को देखने के बाद उनकी गाड़ी की स्पीड अपने आप धीमी हो गई जैसे किसी ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया हो।

अधूरी कहानियां और लोक मान्यताएं
इस हाईवे से जुड़ी कहानियां सालों पुरानी बताई जाती हैं। कुछ लोग इसे किसी पुराने हादसे से जोड़ते हैं तो कुछ कहते हैं कि यह उन आत्माओं की मौजूदगी है जिन्हें कभी शांति नहीं मिली। हालांकि इन बातों का कोई ठोस प्रमाण नहीं है लेकिन गांवों में आज भी बुजुर्ग इन किस्सों को बड़े विश्वास के साथ सुनाते हैं।

ड्राइवरों के अनुभव
लंबी दूरी तय करने वाले ट्रक ड्राइवरों के बीच यह हाईवे खासा चर्चित है। कुछ लोग बताते हैं कि उन्होंने रात में अचानक ठंडी हवा का झोंका महसूस किया जबकि मौसम सामान्य था। कुछ का कहना है कि उन्हें ऐसा लगा जैसे कोई उनकी गाड़ी के साथ-साथ चल रहा हो लेकिन देखने पर वहां कोई नहीं था।

डर और रोमांच
ऐसी कहानियां सुनने में जितनी डरावनी लगती हैं उतनी ही रोमांचक भी होती हैं। कुछ लोग इन्हें महज अफवाह मानते हैं तो कुछ इन्हें सच मानकर रात में इस रास्ते से गुजरने से बचते हैं। लेकिन एक बात तय है – इन कहानियों ने इस सड़क को आम रास्तों से अलग बना दिया है।

दिल्ली-जयपुर हाईवे की ये कहानियां आज भी लोगों के बीच जिंदा हैं। चाहे आप इन्हें सच मानें या सिर्फ लोककथाएं लेकिन जब भी रात के सन्नाटे में इस रास्ते का जिक्र होता है, तो एक अजीब-सी सिहरन जरूर महसूस होती है।

 

 

Exit mobile version