आपने अक्सर यह कहावत सुनी होगी—“बिजली एक ही जगह दो बार नहीं गिरती।” सुनने में यह बात सही लगती है, लेकिन असल में यह एक मिथ (Myth) है। विज्ञान इसके बिल्कुल उलट कहता है।
सच यह है कि बिजली एक ही जगह पर बार-बार गिर सकती है और कई बार गिरती भी है।
बिजली गिरती कैसे है?
बिजली यानी लाइटनिंग तब बनती है जब बादलों के अंदर और जमीन के बीच बहुत ज्यादा इलेक्ट्रिक चार्ज जमा हो जाता है। जब यह चार्ज अचानक रिलीज होता है तो तेज चमक और आवाज के साथ बिजली गिरती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक है और इसमें जगह का चुनाव कुछ खास वजहों पर निर्भर करता है।
क्या एक ही जगह पर दो बार बिजली गिर सकती है?
हां, बिल्कुल गिर सकती है। असल में बिजली उन जगहों को “पसंद” करती है जो ऊंची होती हैं या जहां से उसे जमीन तक पहुंचना आसान हो। यही वजह है कि ऊंची इमारतें, टावर, पेड़ और खुले मैदान बार-बार बिजली गिरने के शिकार होते हैं।
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असली उदाहरण क्या है?
दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में से एक एम्पायर स्टेट बिल्डिंग (Empire State Building) पर हर साल कई बार बिजली गिरती है।
कई रिपोर्ट्स के अनुसार यहां साल में 20 से 25 बार तक बिजली गिर सकती है। इससे साफ है कि बिजली एक ही जगह बार-बार गिर सकती है।
ऐसा क्यों होता है?
जब कोई जगह ऊंची होती है तो वह बादलों के ज्यादा करीब होती है। इससे वहां इलेक्ट्रिक चार्ज का रास्ता छोटा हो जाता है। बिजली हमेशा सबसे आसान रास्ता ढूंढती है इसलिए वह बार-बार उसी जगह गिर सकती है।
क्या यह खतरनाक है?
हां, बिजली गिरना बहुत खतरनाक हो सकता है। इससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। इसीलिए ऊंची इमारतों में “लाइटनिंग रॉड” लगाए जाते हैं जो बिजली को सुरक्षित तरीके से जमीन तक पहुंचा देते हैं।
क्या सावधानी रखनी चाहिए?
अगर आप खुले मैदान में हैं तो ऊंचे पेड़ों या खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। बारिश और गरज के दौरान खुले स्थानों में रहना जोखिम भरा हो सकता है। सुरक्षित जगह जैसे घर या कार में रहना बेहतर होता है।
बिजली एक ही जगह दो बार नहीं गिरती, यह सिर्फ एक कहावत है सच्चाई नहीं। वास्तव में बिजली बार-बार एक ही जगह गिर सकती है खासकर अगर वह जगह ऊंची या खुली हो।

