मेलबर्न: कहते हैं जिंदगी कभी भी करवट ले सकती है, और ऐसा ही कुछ मुंबई की रहने वाली श्वेता देसाई के साथ हुआ है। कभी लंदन में करीब 1 करोड़ रुपये सालाना पैकेज पर ‘हेड ऑफ प्रोडक्ट’ जैसे हाई-प्रोफाइल पद पर काम करने वाली श्वेता आज ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में सफाई और घरेलू काम कर रही हैं।
साल 2008 में पढ़ाई के लिए लंदन गई श्वेता ने करीब 15 साल तक कॉर्पोरेट दुनिया में अपनी पहचान बनाई। लग्जरी लाइफस्टाइल, ब्रांडेड सामान और ऊंचा पद उनकी जिंदगी किसी सपने जैसी लगती थी। लेकिन साल 2023 में उनके जीवन ने बड़ा मोड़ लिया, जब उनके पति को मेलबर्न में नौकरी मिली और परिवार के साथ वहां जानें जा फैसला लेना पड़ा।
करियर से ब्रेक और नई शुरुआत
परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए श्वेता ने अपने स्थापित करियर और करोड़ों के पैकेज को पीछे छोड़ दिया। मेलबर्न पहुंचने के बाद उन्हें उम्मीद के विपरीत अनुभव हुआ। ऑस्ट्रेलिया के जॉब मार्केट में स्थानीय अनुभव को अधिक महत्व दिए जाने के कारण उन्हें लंबे समय तक नौकरी नहीं मिल सकी।
आर्थिक और व्यावहारिक परिस्थितियों के चलते उन्होंने Airbnb अपार्टमेंट्स की सफाई और लॉन्ड्री का काम शुरू किया। श्वेता के अनुसार, यह बदलाव उनके लिए चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन इसने उन्हें जीवन को एक नए नजरिए से देखने का मौका दिया।
सोशल मीडिया पर ‘नई पहचान’
श्वेता अब अपने अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं और वीडियो के माध्यम से लोगों को जीवन, पैसा और आत्मनिर्भरता पर विचार दे रही हैं। उन्होंने ‘द रीबिल्ड रूम’ नाम से एक वॉट्सऐप कम्युनिटी भी शुरू की है, जहां वे प्रवासियों और महिलाओं को करियर बदलाव और आत्म-खोज के बारे में मार्गदर्शन देती हैं।
उनका मानना है कि जब जीवन से बड़े पद और वेतन हट जाते हैं, तभी इंसान अपनी असली पहचान को समझ पाता है। श्वेता के अनुसार, “पैसा सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का माध्यम भी है।”
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प्रवासी अनुभव और नई बहस
श्वेता की कहानी ने प्रवासी जीवन की उन चुनौतियों को फिर से चर्चा में ला दिया है, जहां कई अनुभवी पेशेवरों को नए देशों में शुरुआत से जीवन शुरू करना पड़ता है और अक्सर उन्हें अपने स्तर से कम काम भी करने पड़ते हैं।

