Viral News: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिले की पातालगंगा नदी में हजारों एलपीजी गैस सिलेंडर बहते हुए दिखाई दिए हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और सिलेंडरों से दूर रहने की अपील की है।
भारी बारिश और जलभराव के कारण हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के पनवेल तालुका के चावणे गांव में स्थित HPCL के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में लगातार बारिश के चलते भारी जलभराव हो गया। पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि प्लांट में रखे बड़ी संख्या में एलपीजी गैस सिलेंडर तेज बहाव में बहकर पातालगंगा नदी तक पहुंच गए।
रायगड जिल्ह्यात मुसळधार पावसामुळे पाताळगंगा नदीला आलेल्या प्रचंड पुरात शेकडो एलपीजी गॅस सिलिंडर गेले वाहून ! pic.twitter.com/U90lHp1HP8
— निसर्गराजा (@shetakriraja288) July 8, 2026
बताया जा रहा है कि करीब 3,000 गैस सिलेंडर नदी में बह गए हैं। इनमें कुछ सिलेंडर गैस से भरे हुए हैं, जबकि कुछ खाली हैं। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि कितने सिलेंडर सुरक्षित हैं और कितनों में गैस भरी हुई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
पातालगंगा नदी में बहते गैस सिलेंडरों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में नदी के तेज बहाव के साथ बड़ी संख्या में सिलेंडर तैरते हुए नजर आ रहे हैं। इस दृश्य को देखकर लोग हैरान हैं और कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
प्रशासन तुरंत हुआ अलर्ट
घटना की जानकारी मिलते ही रायगढ़ जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है और नदी के आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
जिलाधिकारी ने लोगों से की खास अपील
रायगढ़ के जिलाधिकारी किशन जावले ने लोगों से अपील की है कि यदि नदी या उसके किनारे कोई गैस सिलेंडर दिखाई दे तो उसके पास बिल्कुल न जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी सिलेंडर को उठाने, छूने या घर ले जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बहकर आए सिलेंडरों में गैस भरी हुई है या नहीं। इसलिए हर सिलेंडर को खतरनाक मानकर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
सिलेंडर को छूना या खोलना हो सकता है जानलेवा
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी गैस सिलेंडर में गैस भरी हो और वह क्षतिग्रस्त हो जाए, तो उससे गैस का रिसाव हो सकता है। ऐसी स्थिति में आग लगने या विस्फोट होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी सिलेंडर को खोलने, हिलाने या इस्तेमाल करने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।
सिलेंडर दिखे तो तुरंत प्रशासन को दें सूचना
जिला प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें नदी, खेत, सड़क या किसी अन्य स्थान पर बहकर आया गैस सिलेंडर दिखाई दे, तो उसकी जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या संबंधित अधिकारियों को दें। साथ ही, उस स्थान से सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
लगातार बारिश के बीच बढ़ी लोगों की चिंता
रायगढ़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहले से ही कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में हजारों गैस सिलेंडरों का नदी में बह जाना लोगों की चिंता और बढ़ा रहा है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से निकालने की तैयारी कर रहा है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
नदी या उसके किनारे मिले किसी भी गैस सिलेंडर के पास न जाएं। सिलेंडर को छूने, उठाने या घर ले जाने की कोशिश न करें। यदि कहीं सिलेंडर दिखाई दे तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचना दें। बच्चों और अन्य लोगों को भी सिलेंडरों से दूर रहने के लिए जागरूक करें। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें। फिलहाल प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से केवल सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध सिलेंडर की जानकारी तुरंत अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील कर रहा है।

