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10 साल से सिर्फ पत्तियां खाकर गुजारा कर रहा ये 34 वर्षीय युवक, एक बार भी नहीं पड़ा बीमार

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अजब-गजब: कर्नाटक के बेलगावी जिले के सवादत्ती तालुक के उगागोल्ला गांव से एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाली कहानी सामने आई है। यहां हेग्गोल्ले पहाड़ी पर रहने वाले 34 वर्षीय बुदान खान होसमानी पिछले करीब 10 वर्षों से पारंपरिक भोजन का सेवन नहीं कर रहे हैं। उनका दावा है कि वे केवल जंगल में मिलने वाली पत्तियों और जड़ी-बूटियों पर निर्भर रहकर जीवन जी रहे हैं।

बंदरों से मिली प्रेरणा

बुदान खान बताते हैं कि उनकी इस अनोखी जीवनशैली की शुरुआत एक साधारण जिज्ञासा से हुई। उन्होंने जंगल में बंदरों को अलग-अलग तरह की पत्तियां खाते देखा। बंदरों को बिना किसी नुकसान के पत्तियां खाते देख उन्होंने भी इन्हें चखकर देखने का फैसला किया। शुरुआत में उन्होंने थोड़ी-थोड़ी पत्तियां खानी शुरू कीं। समय के साथ उनकी रुचि बढ़ती गई और उन्होंने धीरे-धीरे रोटी, चावल और अन्य अनाज पूरी तरह छोड़ दिए। आज उनकी दिनचर्या पूरी तरह जंगल की वनस्पतियों पर आधारित है।

150 से 200 तरह की पत्तियां हैं भोजन का आधार

बुदान खान के अनुसार, जिस पहाड़ी पर वे रहते हैं वहां लगभग 150 से 200 प्रकार की वनस्पतियां पाई जाती हैं। वे दिन में करीब छह बार अलग-अलग प्रकार की पत्तियां खाते हैं। उनका कहना है कि इन पत्तियों का स्वाद उन्हें मीठा लगता है और इन्हें खाने के बाद उन्हें भूख महसूस नहीं होती। हालांकि, वे यह भी स्वीकार करते हैं कि जब कभी वे गांव की ओर जाते हैं तो बहुत कम मात्रा में चाय या सूप ले लेते हैं। लेकिन उनका मुख्य भोजन अब भी केवल पत्तियां और जड़ी-बूटियां ही हैं।

10 साल में एक बार भी बीमार नहीं पड़ा

बुदान खान का दावा है कि पिछले 10 सालों में वे कभी बीमार नहीं पड़े। उन्हें न तो अस्पताल जाने की जरूरत पड़ी और न ही किसी दवा का सहारा लेना पड़ा। उनका कहना है कि प्राकृतिक आहार और शांत जीवनशैली की वजह से वे खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस करते हैं। हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है।

चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए जिज्ञासा का विषय

आम तौर पर मानव शरीर को ऊर्जा और पोषण के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिजों की जरूरत होती है। ये पोषक तत्व आमतौर पर अनाज, दाल, फल, सब्जी और अन्य खाद्य पदार्थों से मिलते हैं। ऐसे में केवल पत्तियों पर लंबे समय तक निर्भर रहकर स्वस्थ रहने का दावा चिकित्सा जगत के लिए शोध और जिज्ञासा का विषय बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी तरह का एकतरफा आहार लंबे समय में शरीर पर असर डाल सकता है, इसलिए संतुलित भोजन जरूरी होता है।

प्रकृति के बीच अकेले जीवन की पसंद

बुदान खान ने पहाड़ी पर ही अपना छोटा सा घर बना रखा है। वे शहर की भीड़भाड़ और शोर-शराबे से दूर शांत वातावरण में रहना पसंद करते हैं। उनका कहना है कि उन्हें जंगल का सन्नाटा और प्रकृति का साथ अच्छा लगता है। वे शादी करने के बजाय इसी तरह अकेले और प्राकृतिक जीवन जीना चाहते हैं। उनकी यह जीवनशैली लोगों के लिए आश्चर्य का विषय है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के इस तरह का प्रयोग करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

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