VIRAL NEWS : एक बार फिर इंसानों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। जिन हाथियों को पूजा जाता है, जिन्हें पवित्र माना जाता है, उसी हाथी के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार किया गया कि उसे जानकर किसी का भी दिल दहल जाए। श्रीलंका में एक बेजुबान जंगली हाथी को पहले गोली मारी गई और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही लोगों में जबरदस्त गुस्सा फैल गया।
गांव में भटक आया था जंगली हाथी
यह घटना श्रीलंका के उत्तर क्षेत्र के एक गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, एक जंगली हाथी जंगल से भटककर गांव की ओर आ गया था। हाथी को भगाने के लिए कुछ लोगों ने इंसानियत को शर्मसार करने वाला कदम उठा लिया और उस पर हमला कर दिया।
पहले गोली मारी, फिर जिंदा जलाया
बताया जा रहा है कि सबसे पहले हाथी के पैरों में गोली मारी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद लोगों ने मशालों से उसे बार-बार जलाया। दर्द से तड़पता हाथी खुद को बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन चारों तरफ से घिरे होने की वजह से वह कुछ नहीं कर सका। घंटों तक वह दर्द में कराहता रहा और बुरी तरह झुलस गया।
घंटों तक तड़पता रहा बेजुबान
सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो बेहद दर्दनाक है। वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल हाथी असहनीय पीड़ा में तड़प रहा है। उसकी हालत देखकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं। आखिरकार, लंबे समय तक तड़पने के बाद हाथी की हालत और ज्यादा बिगड़ गई।
डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। बुरी तरह झुलसे हाथी को बचाने की पूरी कोशिश की गई। डॉक्टरों ने कई घंटे तक इलाज किया, लेकिन उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि जान नहीं बचाई जा सकी। मंगलवार को हाथी ने दम तोड़ दिया।
पूरे देश में गुस्सा और नाराजगी
इस दर्दनाक घटना के बाद न सिर्फ वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु प्रेमियों में बल्कि आम लोगों में भी भारी रोष है। लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इंसाफ की मांग करते हुए बड़ी संख्या में लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
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बौद्ध देश में हाथी को माना जाता है पवित्र
यह घटना इसलिए भी ज्यादा दुखद है क्योंकि श्रीलंका एक बौद्ध बहुल देश है, जहां हाथियों को पवित्र माना जाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से हाथियों को विशेष सम्मान दिया जाता है, ऐसे में इस तरह की घटना ने लोगों को और ज्यादा आहत किया है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, 24 दिसंबर तक रिमांड
पुलिस ने इस मामले में अनुराधापुरा इलाके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जो कोलंबो से करीब 200 किलोमीटर दूर है। इनमें से दो आरोपियों की उम्र 42 और 50 साल बताई जा रही है, जबकि तीसरे आरोपी की उम्र की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सभी आरोपियों को 24 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
हाथी मारने पर है मौत की सजा का प्रावधान
श्रीलंका में हाथियों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। कानून के मुताबिक, हाथी को मारने पर आरोपी को मौत की सजा भी हो सकती है। हालांकि, साल 1976 के बाद से अब तक किसी को भी मौत की सजा नहीं दी गई है और ऐसे मामलों में सजा उम्रकैद में बदल जाती है।
इंसान और हाथियों के संघर्ष में सैकड़ों मौतें
पिछले पांच सालों में श्रीलंका में इंसानों और हाथियों के बीच संघर्ष में 400 से ज्यादा हाथियों की मौत हो चुकी है। वहीं, करीब 200 इंसानों की जान भी गई है। देश में इस समय लगभग 7000 जंगली हाथी मौजूद हैं। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाना कितना जरूरी है।
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