Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

इस देश में फटा ज्वालामुखी, आसमान में उड़ा राख का गुब्बार, देखें वीडियो

November 23, 2025

इस देश में फटा ज्वालामुखी, आसमान में उड़ा राख का गुब्बार, देखें वीडियो

अजब-गजब: इंडोनेशिया के सक्रिय ज्वालामुखी माउंट सेमेरू में भयानक विस्फोट हुआ है, जिसके बाद प्रशासन ने देश में उच्च स्तरीय अलर्ट घोषित कर दिया है। खतरे को देखते हुए कई गांवों को तुरंत खाली कराया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार खतरे वाले क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर अब सभी दिशाओं में 8 किलोमीटर तक, जबकि दक्षिण-पूर्व दिशा में 20 किलोमीटर तक कर दी गई है।

माउंट सेमेरू पूर्वी जावा के लुमाजांग जिले में स्थित है और यह पर्यटक स्थल बाली से लगभग 310 किलोमीटर पश्चिम में पड़ता है। स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 2 बजे जोरदार धमाके के साथ ज्वालामुखी फटा और तेज बहाव के साथ राख, गर्म लावा और चट्टानों के बड़े टुकड़े बाहर निकले। इसके कारण आसपास के गांवों में आसमान काला पड़ गया और दिन में भी अंधेरा छा गया।

ये भी पढ़ें: अग्निवीर जवान दीपक सिंह की मौत, परिवार में मचा कोहराम

विस्फोट की तीव्रता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि राख और लावा का बहाव सुपित उरंग गांव तक पहुंच गया, जिससे निगरानी कैमरे और उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए। प्रशासन ने तत्काल राहत अभियान चलाते हुए करीब 900 लोगों को सुरक्षित निकाला, जबकि वहां फंसे 170 पर्वतारोहियों को भी रेस्क्यू करके बचा लिया गया। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी व्यक्ति की मौत की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है

अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में लावा गिरने की संभावना बनी हुई है और आने वाले समय में एक और बड़ा विस्फोट हो सकता है। राख के बादल के चलते उड़ानों पर भी असर पड़ा है और कई एयरलाइनों ने अपने मार्ग बदलने पड़े हैं।

पायरोक्लास्टिक फ्लो क्या होता है?

ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान निकलने वाली अत्यधिक गर्म गैस, राख और पत्थरों के तेज बहाव को पायरोक्लास्टिक फ्लो कहा जाता है। इसकी गति कभी-कभी 700 किमी प्रति घंटा तक होती है, जो रास्ते में आने वाली हर चीज़ को जला और नष्ट कर देती है। माउंट सेमेरू के ताज़ा विस्फोट में यही बहाव गांवों की ओर बढ़ा, जिससे उपकरण और संरचनाएं तबाह हो गईं।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे निर्देशों का पालन करें, खतरे वाले इलाकों के करीब न जाएं और नदियों के आसपास न रहें, क्योंकि वहां लावा के बहने का जोखिम सबसे ज्यादा है। राहत टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

VD : गुरुद्वारा शीश गंज साहिब का पूरा इतिहास सुनें

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें