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OMG: इस गांव की 50 फीसदी आबादी हैं बौनी,जानकर आप भी हो जायेंगे हैरान

August 18, 2023

OMG: इस गांव की 50 फीसदी आबादी हैं बौनी,जानकर आप भी हो जायेंगे हैरान

दुनिया में सभी चाहते है कि उनकी कद-काठी अच्छी हो और वो सुन्दर दिखे। लेकिन हर कोई अपनी इच्छा अनुसार तो कद नहीं कर सकता। दुनिया में कोई लम्बा तो कोई बौना होता हैं। हांलाकि सामान्यत: बौना होने का प्रतिशत बहुत कम होता हैं। लगभग 20000 में से एक ही व्यक्ति बौना होता हैं। लेकिन एक ऐसा गाँव है जहा की 50 फीसदी आबादी बौनी हैं। यह गाँव हैं यांग्सी जो की चीन के शिचुआन प्रांत में स्थित हैं। इतनी तादाद में बौना होना अपने आप में एक रहस्य है जिसका पता वैज्ञानिक अभी तक नहीं लगा पाए। तो आइये जानते हैं इस गाँव के बारे में।

इस गांव में रहने वाले 80 में से 36 लोगों की लंबाई मात्र दो फीट एक इंच से लेकर तीन फीट दस इंच तक है। इतनी ज्यादा तादाद में लोगों के बौने होने के कारण यह गांव बौनों के गांव के नाम से प्रसिद्ध है। गांव के बुजुर्गों के अनुसार उनकी खुशहाल और सुकून भरी जिंदगी कई दशकों पहले ही खत्म हो चुकी थी, जब उनके प्रांत को एक खतरनाक बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया था। जिसके बाद से कई लोग अजीब-गरीब हालात से जूझ रहे हैं। जिसमें ज्यादातर पांच से सात साल के बच्चे हैं। इस उम्र के बाद उनकी लंबाई रूक जाती है।

इस इलाके में बौनों को देखे जाने की खबरे 1911 से ही आती रही है। 1947 में एक अंग्रेज वैज्ञानिक ने भी इसी इलाके में सैकड़ो बौनों को देखने की बात कही थी। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस खतरनाक बीमारी का पता 1951 में चला जब प्रशासन को पीड़ितों के अंग छोटे होने की शिकायत मिली। 1985 में जब जनगणना हुई तो गांव में ऐसे करीब 119 मामले सामने आए। समय के साथ ये रुकी नहीं, पीढ़ी दर पीढ़ी ये बीमारी भी आगे बढ़ती गई। इसके डर से लोगों ने गाँव छोड़ कर जाना शुरू कर दिया ताकि बीमारी उनके बच्चो में ना आये। हालॉकि 60 साल बाद अब जाकर कुछ हालात सुधरे है अब नई पीढ़ी में यह लक्षण कम नज़र आ रहे है।

वैज्ञानिक और विशेषज्ञ इस गाँव की पानी, मिटटी, अनाज आदि का कई मर्तबा अध्ययन कर चुके है लेकिन वो इस स्थिति का कारण खोजने में नाकाम रहे है। 1997 में बीमारी की वजह बताते हुए गांव की जमीन में पारा होने की बात कही गई, लेकिन इसे साबित नहीं किया जा सका। वहीँ कुछ लोगो को मानना है की इसका कारण वो ज़हरीली गैसे है जो जापान ने कई दशको पहले चीन में छोड़ी थी, हालांकि यह एक तथ्य है की जापान कभी भी चीन के इस इलाके में नहीं पहुंचा था। ऐसे ही समय-समय पर तमाम दावे किए गए, लेकिन सही जवाब नहीं मिला।

अब गांव के कुछ लोग इसे बुरी ताकत का प्रभाव मानते हैं, तो कुछ लोगों का कहना है कि खराब फेंगशुई के चलते हो ऐसा हो रहा है। वहीं, कुछ का कहना ये भी है कि ये सब अपने पूर्वजों को सही तरीके से दफन ना करने के चलते हो रहा है।चीन में कोई ऐसा गाँव है इससे चीनी प्रशासन मना तो नहीं करता है लेकिन वहाँ पर किसी विदेशी को जाने की इज़ाज़त नहीं है। यहाँ के बारे अधिकतर जानकारी यहाँ पहुँच पाने वाले रिपोर्टर्स के द्वारा ही मिल पाती है।

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