वायरल न्यूज: आज कल सोशल मीडिया पर एक वीडियो छाया हुआ है, जिसमें एक पेंगुइन अपनी अंतिम और सहासिक यात्रा की ओर जाता हुआ दिखाई देता है। इस वीडियो को लोग अपनी जिंदगी से जोड़ कर देख रहे हैं, जो थका हुआ, उलझा हुआ, सबसे अलग होकर अपनी राह खुद चुनने की कहानी बना रहे हैं लेकिन सच्चाई इससे ज़्यादा कड़वी है।

यह वीडियो 2007 की डॉक्यूमेंट्री Encounters at the End of the World का हिस्सा है। जहां पेंगुइन अपने झुंड को छोड़कर पहाड़ों की चल देता है। और अंतिम सांस तक 70 किमी. का सफर तय किया और दुनिया को अलविदा कह दिया। हालांकि अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि ये कदम क्यों उठाया था।
कुछ वैज्ञानिकों के मुताबिक उस पेंगुइन ने कोई विद्रोह नहीं किया था। उसका दिमाग भ्रमित हो गया था। नेविगेशन सिस्टम फेल हो गया, दिशा पहचानने की क्षमता खत्म हो गई। वह गलत रास्ते पर चला, जिसमें उसकी मौत तय थी। कई लोगों का कहना है कि उसके साथी की मौत के बाद वह खुद का अकेला महसूस कर रहा था, जिसके कारण उसने समुद्र में जाने के बजाय मौत को स्वीकार किया।

जब ये वीडियो वायरल हुआ है, तब से लोग इसे अपनी जिन्दगी के साथ जोड़कर देख रहे हैं। क्योंकि आज का इंसान भी कुछ ऐसा ही महसूस कर रहा है। भीड़ के साथ चलना सुरक्षित है, लेकिन घुटन भरा लेकिन अभी तक इसकी सच्चाई सामने नहीं आई है कि पेंगुइन के इस कदम के पीछे क्या वजह रही होगी।
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