कहां रहती है यह मछली?
यह मछली समुद्र के अंदर 200 मीटर से लेकर 1000 मीटर तक की गहराई में रहती है। मतलब यह लगभग 3300 फीट नीचे पाई जाती है। इतनी गहराई में रहने की वजह से यह बहुत कम लोगों को दिखती है।
दिखने में कैसी होती है?
– इसका शरीर सफेद और बर्फ जैसा होता है।
-धड़ (बॉडी) का रंग अक्सर लाल दिखता है।
-यह मछली देखने में काफी अजीब और रहस्यमयी लगती है।
-जापान और अन्य देशों में अंधविश्वास
जापान में अशुभ माना जाता है
-जापान में इस मछली को अशुभ माना जाता है। लोगों का मानना है कि अगर यह मछली समुद्र की सतह पर दिखाई दे, तो उसके बाद भूकंप या सुनामी जैसी बड़ी आपदाएं आती हैं।
The rarely seen oarfish, which usually are in deep-sea, which is also known as ‘Doomsday’ fish is caught in the net in TamilNadu pic.twitter.com/8N4TTNyDec
— Aryan (@chinchat09) June 16, 2025
2011 की सुनामी का उदाहरण
कहा जाता है कि 2011 में जापान में जब विनाशकारी सुनामी आई थी, उससे पहले ओरफिश दिखाई दी थी। उस सुनामी में हजारों लोगों की जान चली गई थी।
दक्षिण-पूर्व एशिया में मान्यता
अन्य एशियाई देशों में भी इस मछली को प्राकृतिक आपदा की चेतावनी के रूप में देखा जाता है। लोगों का मानना है कि जब यह मछली दिखे, तो इसका मतलब है कि धरती जल्द ही हिल सकती है यानी भूकंप आने वाला है।
वैज्ञानिक क्या कहते हैं?
वैज्ञानिकों और समुद्री जीवों के जानकारों का मानना है कि यह सब अंधविश्वास है। उन्होंने इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण बताए हैं कि बीमार या घायल होने पर मछली ऊपर आ सकती है। समुद्र के अंदर तेज धाराएं या तूफान इसे ऊपर ले आ सकते हैं। यह मछली अगर मरने वाली होती है, तो भी सतह पर आ जाती है।
2019 का शोध
-2019 में प्रशांत महासागर में एक स्टडी की गई थी, जिसमें यह देखा गया कि ओरफिश के दिखने और भूकंप के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस मछली को लेकर सोशल मीडिया पर बहुत बहस हो रही है। कुछ लोग इसे लेकर डर रहे हैं। कुछ इसे दुनिया में हो रही बड़ी घटनाओं से जोड़कर प्रलय की निशानी बता रहे हैं। कई लोग अपनी-अपनी थ्योरी और मान्यताएं साझा कर रहे हैं।

