Video Viral : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बहुत ही अनोखी और चर्चा में रहने वाली शादी हुई। यहां सदियों की परंपरा को बदलते हुए दुल्हन ने खुद गाजे-बाजे और बारातियों के साथ अपने ससुराल की ओर बारात निकाली। यह नज़ारा देखने के लिए सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कीडगंज की रहने वाली दुल्हन तनु 26 नवंबर की रात अपनी धूमधाम वाली बारात लेकर मुट्ठीगंज में दूल्हे रजत के घर पहुंचीं।
पिता का सपना था, ‘बेटे की तरह बेटी की बारात निकले’
इस अनोखी पहल के पीछे दुल्हन के पिता राजेश जायसवाल की इच्छा थी। उनकी पांच बेटियां हैं और वे हमेशा चाहते थे कि बेटियों की शादी भी बेटे की शादी की तरह धूमधाम से हो। इसी सोच के चलते उन्होंने बेटी की बारात निकालने का फैसला किया। इस परंपरा को ख़ास बनाने के लिए विशेष शादी का कार्ड छपवाया गया। कार्ड पर साफ लिखा था लड़की की बारात। दुल्हन के घरवालों ने बारात की आरती उतारकर उसे विदा किया, जैसा आमतौर पर दूल्हे की बारात में होता है।रिश्तेदार भी इस यादगार बारात में शामिल हुए और जमकर खुशी मनाई।
प्रयागराज में अनोखी ‘रिवर्स बारात’ — दुल्हन बग्घी पर सवार होकर डांस करती हुई दूल्हे के घर बारात लेकर पहुंची।
पिता राजेश जायसवाल का सपना था कि बेटी भी बेटे की तरह बारात लेकर जाए — और आज वह सपना सच हो गया! 🎉✨#Prayagraj #ReverseBaraat #ReverseMarriage #Trending #UttarPradesh… pic.twitter.com/lm8gygH0Ew
— Indian Observer (@ag_Journalist) November 26, 2025
बग्घी पर बैठकर चली दुल्हन तनु की जोशीली बारात
दुल्हन तनु की बारात देखने लायक थी। लगभग दो किलोमीटर लंबी यह बारात पूरी धूमधाम के साथ निकली। तनु पारंपरिक बग्घी (घोड़ागाड़ी) पर बैठकर चलीं।बारात में डीजे, ढोल, और तेज रोशनी की पूरी व्यवस्था थी। बाराती पूरे जोश में नाचते-गाते चलते रहे। यह नजारा देखकर कई लोग रास्ते में रुक गए और इसे मोबाइल में रिकॉर्ड करने लगे।

ससुराल में दूल्हे के परिवार ने किया गर्मजोशी से स्वागत
जब दुल्हन अपनी बारात लेकर दूल्हे रजत के घर पहुंचीं, तो वहां के परिवार ने उनका पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया। सभी रीति-रिवाज़ पूरे सम्मान और खुशी के साथ निभाए गए।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
दुल्हन तनु की यह बारात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। लोग इस शादी को लैंगिक समानता (gender equality) पुरानी रूढ़ियों को तोड़ने की एक बड़ी मिसाल मान रहे हैं। यह शादी यह संदेश देती है कि बेटियां भी हर खुशी और सम्मान की हकदार हैं, और जब समाज सोच बदले, तो परंपराएं भी नए रूप में दिखाई देती हैं।