उल्लू उन पक्षियों में शामिल है, जिन्हें देखकर सबसे ज्यादा हैरानी उनकी बड़ी आंखें और गर्दन घुमाने की क्षमता को लेकर होती है। कई बार ऐसा लगता है कि उल्लू अपनी गर्दन पूरी तरह पीछे तक घुमा सकता है। इसी वजह से लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर उल्लू अपनी गर्दन 270 डिग्री तक कैसे घुमा लेता है? क्या उसकी गर्दन इंसानों से अलग होती है?
असल में इसके पीछे उसके शरीर की खास बनावट और प्रकृति का अनोखा संतुलन काम करता है।
क्या उल्लू सच में 360 डिग्री तक गर्दन घुमा सकता है?
सबसे पहले एक आम गलतफहमी दूर कर लें। उल्लू अपनी गर्दन 360 डिग्री नहीं घुमा सकता। वह अधिकतम करीब 270 डिग्री तक ही अपनी गर्दन घुमा सकता है। यानी वह दाएं और बाएं दोनों तरफ लगभग 135-135 डिग्री तक मुड़ सकता है।
आखिर इतनी ज्यादा गर्दन कैसे घुमा लेता है?
इंसानों की गर्दन में 7 कशेरुकाएं (Neck Vertebrae) होती हैं, जबकि अधिकांश उल्लुओं की गर्दन में 14 कशेरुकाएं होती हैं। ज्यादा कशेरुकाएं होने की वजह से उनकी गर्दन अधिक लचीली होती है और वे उसे काफी ज्यादा घुमा सकते हैं। यही खास बनावट उन्हें बिना शरीर घुमाए चारों तरफ देखने में मदद करती है।
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क्या उसकी आंखें भी घूमती हैं?
नहीं। बहुत से लोग सोचते हैं कि उल्लू की आंखें भी इंसानों की तरह घूमती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। उल्लू की आंखें अपनी जगह लगभग स्थिर होती हैं और वे आंखों को ज्यादा घुमा नहीं सकते। उनकी आंखें सामने की ओर ट्यूब जैसी संरचना में होती हैं। इसलिए आसपास देखने के लिए उन्हें पूरी गर्दन घुमानी पड़ती है। यही कारण है कि प्रकृति ने उन्हें इतनी लचीली गर्दन दी है।
गर्दन घुमाने पर खून का प्रवाह कैसे नहीं रुकता?
सामान्य तौर पर अगर इंसान इतनी ज्यादा गर्दन घुमाने की कोशिश करे तो रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ सकता है। लेकिन उल्लुओं के शरीर की बनावट अलग होती है।
उनकी गर्दन की धमनियां और रक्त वाहिकाएं इस तरह बनी होती हैं कि गर्दन घूमने के दौरान भी मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति बनी रहती है। कुछ रक्त वाहिकाओं के आसपास अतिरिक्त जगह और विशेष संरचना होती है, जिससे वे मुड़ने पर भी आसानी से काम करती रहती हैं। इसी वजह से गर्दन घुमाते समय उनके मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बाधित नहीं होता।
उल्लू को इतनी क्षमता की जरूरत क्यों होती है?
उल्लू एक शिकारी पक्षी है और ज्यादातर रात में शिकार करता है। उसकी आंखें सामने की ओर होती हैं, जिससे दूर की चीजें देखने में मदद मिलती है, लेकिन देखने का क्षेत्र सीमित हो जाता है।
ऐसे में बिना शरीर हिलाए सिर्फ गर्दन घुमाकर वह अपने आसपास लगभग हर दिशा पर नजर रख सकता है। इससे शिकार पकड़ना और दुश्मनों से सतर्क रहना दोनों आसान हो जाता है।
क्या सभी उल्लू ऐसा कर सकते हैं?
ज्यादातर उल्लुओं में गर्दन को लगभग 270 डिग्री तक घुमाने की क्षमता होती है। हालांकि अलग-अलग प्रजातियों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है।

