बारिश का मौसम आते ही अगर किसी पक्षी की सबसे ज्यादा चर्चा होती है, तो वह है मोर। आपने फिल्मों, लोककथाओं और गांवों में अक्सर यह सुना या देखा होगा कि बारिश आने से पहले मोर अपने खूबसूरत पंख फैलाकर नाचने लगता है। इसी वजह से कई लोग मानते हैं कि मोर का नाचना बारिश आने का संकेत होता है। लेकिन क्या सच में ऐसा है, या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है?
असल में मोर का नृत्य केवल बारिश से जुड़ा नहीं है। इसके पीछे उसकी प्राकृतिक प्रजनन प्रक्रिया और मौसम का गहरा संबंध होता है।
क्या सच में बारिश से पहले नाचता है मोर?
कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि बारिश शुरू होने से पहले या मानसून के दौरान मोर अपने पंख फैलाकर नाचने लगता है। इसी वजह से लोगों ने यह मान लिया कि मोर को पहले से बारिश आने का पता चल जाता है।
हालांकि वैज्ञानिक रूप से ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है कि मोर भविष्य की बारिश का अनुमान लगाकर नाचता है। उसका नृत्य मुख्य रूप से प्रजनन व्यवहार का हिस्सा होता है।
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मानसून और मोर के नृत्य का क्या संबंध है?
मोर का प्रजनन काल आमतौर पर मानसून के मौसम में होता है। इस समय वातावरण में नमी बढ़ जाती है, तापमान अनुकूल हो जाता है और भोजन की उपलब्धता भी बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में नर मोर मादा मोर को आकर्षित करने के लिए अपने रंग-बिरंगे पंख फैलाकर नृत्य करता है। यानी बारिश से पहले या बारिश के दौरान मोर का नाचना दरअसल उसके प्रजनन काल का स्वाभाविक व्यवहार है।
मोर नाचते समय क्या करता है?
जब नर मोर नृत्य करता है, तो वह अपने लंबे और रंगीन पंख पूरी तरह फैला लेता है। इसके बाद वह उन्हें कंपन के साथ हिलाता है और गोल-गोल घूमते हुए मादा का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करता है। इस दौरान उसके पंखों से हल्की कंपन और आवाज भी निकलती है, जो मादा को आकर्षित करने में मदद करती है।
क्या हर बार मोर का नाचना बारिश का संकेत होता है?
नहीं। हालांकि मानसून के दौरान मोर ज्यादा नाचते हुए दिखाई देते हैं लेकिन उनका नृत्य हर बार बारिश आने की भविष्यवाणी नहीं करता। कई बार वे बिना बारिश के भी नाचते हैं खासकर जब प्रजनन का मौसम चल रहा हो या आसपास मादा मोर मौजूद हो।
क्या मौसम का असर भी पड़ता है?
हां। नमी, ठंडी हवा और बदलता मौसम मोर को अधिक सक्रिय बना सकते हैं। यही कारण है कि मानसून के आसपास उनका नृत्य अधिक देखने को मिलता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे मौसम विभाग की तरह बारिश का सटीक अनुमान लगा सकते हैं।
भारत का राष्ट्रीय पक्षी क्यों है मोर?
मोर को उसकी अद्भुत सुंदरता, सांस्कृतिक महत्व और देश के कई हिस्सों में व्यापक मौजूदगी के कारण साल 1963 में भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया था। भारतीय संस्कृति, कला और पौराणिक कथाओं में भी मोर का विशेष स्थान है।

