
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा में एक परीक्षा केंद्र पर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सभी को भावुक और खुश कर दिया। जहां आमतौर पर परीक्षा के दौरान सन्नाटा रहता है, वहीं एक कॉलेज में अचानक नवजात बच्चे की किलकारी गूंज उठी। इस घटना के बाद पूरे कॉलेज परिसर में खुशी का माहौल बन गया।
गर्भवती परीक्षार्थी देने आई थी बीए की परीक्षा
यह घटना रोसड़ा प्रखंड के थतिया गांव स्थित शशि कृष्णा कॉलेज की है। यहां स्नातक (बीए) की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एक गर्भवती महिला परीक्षार्थी भी परीक्षा देने पहुंची थी। महिला का नाम रविता कुमारी है, जो अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा दे रही थी।
परीक्षा के दौरान शुरू हुई प्रसव पीड़ा
परीक्षा के दौरान अचानक रविता कुमारी को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। उसकी हालत देखकर वहां मौजूद परीक्षा ड्यूटी में तैनात महिला कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को समझा और सूझबूझ दिखाई। उन्होंने रविता को तुरंत परीक्षा कक्ष से उठाकर कॉलेज के एक खाली क्लास रूम में ले जाया।
महिला कर्मियों की मदद से सुरक्षित प्रसव
कॉलेज प्रशासन ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाने के लिए सूचना दी। हालांकि, एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले ही महिला कर्मचारियों के सहयोग से रविता कुमारी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे दिया। यह पल कॉलेज में मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद भावुक और खुशी से भरा था।
कॉलेज परिसर में खुशी का माहौल
बच्चे के जन्म के बाद कॉलेज परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई। परीक्षा केंद्र पर किलकारी गूंजने की खबर देखते ही देखते पूरे कॉलेज और आसपास के इलाके में फैल गई। सभी ने महिला कर्मचारियों की तारीफ की, जिन्होंने समय पर मदद कर मां और बच्चे की जान सुरक्षित रखी।
एम्बुलेंस से अस्पताल भेजे गए मां-बच्चा
बाद में एम्बुलेंस के पहुंचने पर जच्चा और बच्चा दोनों को रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
बेगूसराय की रहने वाली है परीक्षार्थी
जानकारी के अनुसार, रविता कुमारी बेगूसराय जिले के छौड़ाही थाना क्षेत्र के मालपुर गांव की रहने वाली हैं। वह हसनपुर प्रखंड स्थित शकरपुरा भारद्वाज कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। उनके पति का नाम शिवम कुमार है।
पढ़ाई और जिम्मेदारी का अनोखा उदाहरण
गर्भावस्था के बावजूद रविता कुमारी परीक्षा देने पहुंची थीं, जो उनके शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है। परीक्षा केंद्र पर बच्चे के जन्म की यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे एक अनोखा और प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं।