Viral Story: कुछ कहानियां इतनी हैरान करने वाली होती हैं कि उन्हें सुनकर इंसान खुद को विश्वास नहीं कर पाता। ऐसी ही एक कहानी है जारा हार्टशोर्न (Zara Hartshorn) की, जो जन्म से ही उम्र से कहीं ज्यादा बूढ़ी दिखती थीं। लोग उन्हें प्यार से नहीं बल्कि चिढ़ाने के लिए ‘दादी’ कहकर बुलाते थे। बता दें कि जारा का जन्म सामान्य बच्चों की तरह हुआ, लेकिन जैसे-जैसे वे बड़ी हुईं, उनकी त्वचा लटकने लगी और चेहरे पर झुर्रियां दिखने लगीं। चार साल की उम्र तक आते-आते उनकी शक्ल में बदलाव इतना स्पष्ट हो गया कि आठ साल की उम्र में वे किसी 60 साल की महिला जैसी नजर आने लगीं।
पैदा होते ही बूढ़ी हो गई ये बच्ची
जारा का बचपन तानों और अकेलेपन में बीता। स्कूल में बच्चे उन्हें देखकर चिढ़ाते और पूछते, “दादी आई?” या “नानी आई?”। बाहर जाते समय लोग उन्हें घूरते, और कई बार उनकी मां को उनकी ‘बड़ी बहन’ समझ बैठते। ऐसे माहौल में जारा को खुद को लेकर गहरा डर और उदासी महसूस होती थी। आइए जानते हैं कि आखिर उन्हें क्या हुआ था…
एक ऐसी बीमारी जो दस लाख लोगों में से केवल एक को होती है
दरअसल, डॉक्टरों ने बताया कि जारा लिपोडिस्ट्रॉफी (Lipodystrophy) नामक एक बेहद दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं, जो दस लाख लोगों में से केवल एक को होती है। इस बीमारी में शरीर उम्र से जल्दी बूढ़ा दिखने लगता है और इसके असर सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं रहते- हृदय, किडनी और लिवर जैसी महत्वपूर्ण अंगों पर भी असर पड़ता है।
जारा की मां ट्रेसी को भी यह बीमारी थी, लेकिन उनमें इसके लक्षण कम थे। जारा की हालत 14 साल की उम्र तक इतनी गंभीर हो गई कि उनकी किडनी में नुकसान शुरू हो गया।
8 घंटे की लंबी और जटिल फेसलिफ्ट सर्जरी…
फिर 16 साल की उम्र में जारा की कहानी मीडिया में आई और डॉक्टरों ने उनकी मदद करने का फैसला किया। 8 घंटे की लंबी और जटिल फेसलिफ्ट सर्जरी के दौरान उनके चेहरे और शरीर से 3 किलो अतिरिक्त त्वचा हटाई गई। सर्जरी के बाद जारा बिल्कुल एक सामान्य टीनएजर की तरह दिखने लगीं। उनकी मां भी भावुक हो उठीं, क्योंकि अब बेटी और मां दोनों ने नई जिंदगी की शुरुआत की। आज जारा और उनकी मां न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं, बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी पूरी तरह सामान्य जीवन जी रही हैं।
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