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AI बनेगा पर्सनल ब्रांड अंबैसेडर, नए आविष्कारों में आएगी तेजी: रिपोर्ट

नई दिल्ली: उद्यमों और समाज में किसी भी पिछली टैक्नोलॉजी की तुलना में आर्टीफिशियल इंटैलिजैंस का प्रसार अधिक तेजी से हो रहा है। मंगलवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार 69 प्रतिशत अधिकारियों (भारत सहित) का मानना है कि एआई नए आविष्कारों को लेकर महत्वपूर्ण होगा। ‘एक्सैंचर टैक्नोलॉजी विजन 2025’ में भी कहा कि एआई एक टैक्नोलॉजी डिवैल्पमैंट पार्टनर, पर्सनल ब्रांड अंबैसेडर, फिजिकल वल्र्ड में पावर रोबोटिक बॉडी के रूप में तेजी से काम करेगा और बेहतर प्रदर्शन को लेकर लोगों की मदद करेगा।

एक्सेंचर की अध्यक्ष और सीईओ जूली स्वीट के अनुसार, एआई के फायदों का लाभ उठाना तभी संभव हो पाएगा जब लीडर्स एक सिस्टेमैटिक तरीके से इसकी परफॉर्मेंस और आऊटकम के साथ विश्वास को बना पाने के अवसर प्राप्त करेंगे ताकि व्यवसायों के साथ-साथ लोग भी एआई की अद्भुत संभावनाओं का लाभ ले सकें। एआई को लेकर व्यापक और सकारात्मक प्रभाव के लिए इसमें लोगों का विश्वास होना जरूरी है। रिपोर्ट के अनुसार 77} अधिकारियों का मानना है कि एआई के वास्तविक लाभ तभी संभव होंगे, जब इसे भरोसे की नींव पर बनाया जाएगा। 81} अधिकारी इस बात से सहमत हैं कि भरोसे की रणनीति को किसी भी टैक्नोलॉजी रणनीति के समानांतर विकसित किया जाना चाहिए।

प्राइमरी ग्लोबल रिसर्च में 2 समानांतर सव्रेक्षण शामिल थे। इसमें 21 उद्योगों और 28 देशों के 4,000 से अधिक अधिकारी शामिल थे, जिसमें भारत भी शामिल रहा। सर्वेक्षण किए गए देशों में 190 अधिकारियों का सैंपल साइज था। एक्सैंचर के समूह मुख्य कार्यकारी-प्रौद्योगिकी और सीटीओ कार्तिक नारायण ने कहा, ‘नॉलेज को डिजिटाइज करने, नए एआई मॉडल्स, एजैंटिक एआई सिस्टम और आर्कीटैर के साथ उद्यमों को अपना खुद का यूनिक डिजिटल ब्रेन बनाने में मददगार होगा।’
उन्होंने कहा कि यह लीडर्स को यह सोचने की अनुमति देगा कि डिजिटल सिस्टम कैसे डिजाइन किए जाते हैं, लोग कैसे काम करते हैं और वे कैसे उत्पाद बनाते हैं और ग्राहकों के साथ बातचीत करते हैं।

80 प्रतिशत कार्यकारी इस बात से चिंतित हैं कि बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) और चैटबॉट हर ब्रांड को एक जैसी आवाज दे सकते हैं। 77} सहमत हैं कि ब्रांड सक्रिय रूप से पर्सनल एआई एक्सपीरियंस बनाकर और अपने डिजिटल ब्रेन के जरिए उन एक्सपीरियंस में संस्कृति, मूल्यों और आवाज जैसे विशिष्ट ब्रांड तत्वों को इंजैक्ट कर इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा कि अगले दशक में सामान्य रोबोट उभरेंगे, जो फिजिकल वल्र्ड में अधिक एआई स्वायत्तता (ऑटोनॉमी) लाएंगे।

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