नई दिल्ली: अगर आप BMW की लग्जरी कार खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए खास हो सकती है। जर्मनी की मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी BMW ने घोषणा की है कि वह 1 सितंबर 2025 से अपनी सभी कारों और SUVs की कीमतों में 3 प्रतिशत तक का इजाफा करने जा रही है। कंपनी ने इसकी प्रमुख वजह विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों को बताया है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और सीईओ विक्रम पवाह के मुताबिक, कंपनी की बिक्री में लगातार ग्रोथ दर्ज की जा रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती लागत जैसे कच्चे माल की महंगाई, लॉजिस्टिक्स में बढ़ते खर्च और फॉरेक्स रेट्स की अस्थिरता के कारण कारों की कीमतें बढ़ाना कंपनी के लिए जरूरी हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि, “त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए हम कई नई और दमदार कारें भारतीय बाजार में उतारने जा रहे हैं। हमारा फोकस ग्राहकों को बेस्ट-इन-क्लास परफॉर्मेंस और इनोवेशन देने पर बना रहेगा।”

BMW की मौजूदा कारों की कीमत (एक्स-शोरूम)
मॉडल कीमत (₹)
BMW 2 Series Gran Coupe 46.90 लाख से शुरू
BMW X1 51.50 लाख से शुरू
BMW X5 97.80 लाख से शुरू
BMW X7 1.31 – 1.35 करोड़
BMW M5 1.99 करोड़
BMW XM (फ्लैगशिप SUV) 2.60 करोड़
BMW iX1 (इलेक्ट्रिक SUV) 49.90 लाख
BMW i4 (इलेक्ट्रिक सेडान) 72.50 – 77.50 लाख
BMW i7 (इलेक्ट्रिक लक्जरी सेडान) 2.05 – 2.50 करोड़
पहले भी बढ़ी थीं कीमतें
गौरतलब है कि BMW ने अप्रैल 2025 में भी अपने पूरे पोर्टफोलियो में 3 प्रतिशत तक की कीमत बढ़ाई थी। अब सितंबर में होने वाली यह दूसरी वृद्धि है, जिससे प्रीमियम सेगमेंट में कारों की कुल लागत और अधिक बढ़ जाएगी।
कीमतों में बढ़ोतरी का ट्रेंड
भारत में बीते कुछ सालों में कारों की कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2019 में एक कार की औसत कीमत ₹8.07 लाख थी, जो वित्त वर्ष 2024 तक बढ़कर ₹11.64 लाख पहुंच गई। यानी 5 वर्षों में करीब 41% की वृद्धि, जो कि 5.6% की चक्रवृद्धि वार्षिक दर (CAGR) को दर्शाती है।
क्या करें ग्राहक?
अगर आप BMW की कोई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 1 सितंबर 2025 से पहले खरीदारी करना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। बाद में कीमतें बढ़ने के साथ-साथ आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
इस बढ़ती महंगाई के बावजूद BMW की कारों की मांग में गिरावट के कोई संकेत नहीं हैं। कंपनी का मानना है कि भारतीय बाजार में लग्जरी कारों के लिए ग्राहक अब ज्यादा जागरूक और तैयार हैं, और वे परफॉर्मेंस व प्रीमियम क्वालिटी के लिए अतिरिक्त भुगतान करने को भी इच्छुक हैं।