CNG & EV Cars Rises in India: भारत में ऑटो सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जहां कभी पेट्रोल और डीजल कारों का बाजार पर दबदबा था, वहीं अब ग्राहक तेजी से CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। बता दें कि बदलती जरूरतें, बढ़ती ईंधन कीमतें और पर्यावरण को लेकर जागरूकता ने लोगों की पसंद को नई दिशा दी है। हालिया आंकड़े भी इस बदलाव की पुष्टि करते हैं, जो दिखाते हैं कि अब कार खरीदने का ट्रेंड पहले जैसा नहीं रहा।
आंकड़ों में बदलाव की कहानी
वित्त वर्ष 2026 के दौरान पेट्रोल और इथेनॉल कारों की हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहां इनका बड़ा हिस्सा था, अब यह कम हो रहा है। डीजल कारों की मांग भी धीरे-धीरे घटती नजर आ रही है। इसके उलट CNG कारों की हिस्सेदारी में अच्छा इजाफा हुआ है। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है और यह सेगमेंट पहले की तुलना में लगभग दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ा है। हाइब्रिड कारों की हिस्सेदारी में हल्की गिरावट देखी गई है।
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किन कंपनियों का दबदबा?
पेट्रोल कारों के सेगमेंट में Maruti Suzuki, Hyundai और Tata Motors जैसी कंपनियां मजबूत स्थिति में हैं। डीजल कारों में Mahindra और Tata Motors का दबदबा बना हुआ है, जबकि Hyundai और Kia भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। CNG सेगमेंट में Maruti Suzuki अभी भी सबसे आगे है, लेकिन Tata Motors और Hyundai ने भी अपनी मौजूदगी मजबूत की है। इलेक्ट्रिक कारों की बात करें तो Tata Motors और Mahindra के साथ MG Motor, Hyundai और Kia जैसी कंपनियां तेजी से इस सेगमेंट में अपनी पकड़ बना रही हैं। वहीं हाइब्रिड कारों में Maruti Suzuki और Toyota का दबदबा बना हुआ है।
क्या है इस बदलाव की वजह?
ईंधन की बढ़ती कीमतें, बेहतर माइलेज, कम मेंटेनेंस खर्च और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता इस बदलाव के बड़े कारण हैं। यही वजह है कि अब खरीदार पहले से ज्यादा सोच-समझकर विकल्प चुन रहे हैं।
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