
ऑटो डेस्क: महिंद्रा समूह ने शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि वह अगले दस वर्षों में महाराष्ट्र में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य राज्य में अपने विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) नेटवर्क को मजबूत करना है। इसके तहत नागपुर में एक नया वाहन और ट्रैक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, यह नागपुर प्लांट महिंद्रा का अब तक का सबसे बड़ा एकीकृत विनिर्माण केंद्र होगा, जहां एक ही परिसर में वाहन और ट्रैक्टर दोनों का उत्पादन किया जाएगा। इस संयंत्र में वर्ष 2028 से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा महिंद्रा समूह इगतपुरी-नासिक क्षेत्र में भी जमीन खरीदेगा। यहां कंपनी अपने मौजूदा उत्पादों और इंजन निर्माण क्षमता का विस्तार करेगी, साथ ही अपने उन्नत प्रौद्योगिकी (एडवांस टेक्नोलॉजी) से जुड़े कारोबार को भी आगे बढ़ाएगी। इन सभी परियोजनाओं के लिए महाराष्ट्र के अलग-अलग तीन स्थानों पर 2,000 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
महिंद्रा का कहना है कि जब नागपुर का यह संयंत्र पूरी तरह से शुरू हो जाएगा, तब यहां हर साल 5 लाख से ज्यादा वाहन और करीब 1 लाख ट्रैक्टर बनाए जा सकेंगे। इससे यह केंद्र देश में महिंद्रा का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग हब बन जाएगा।
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के वाहन और कृषि क्षेत्र के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ राजेश जेजुरिकर ने इस परियोजना को कंपनी के लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र महिंद्रा की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जहां आधुनिक तकनीक, बड़े स्तर पर उत्पादन और लचीले विनिर्माण ढांचे का बेहतर तालमेल देखने को मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह निवेश ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ की सोच को और मजबूत करता है और महिंद्रा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, विश्वस्तरीय उत्पाद बनाने में मदद करेगा। महिंद्रा समूह की इस बड़ी निवेश योजना की घोषणा ‘एडवांटेज विदर्भ’ नामक तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विदर्भ क्षेत्र को भारत के उभरते हुए औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।