नई दिल्ली: देश की प्रमुख वाहन कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) का लक्षय़ ई-विटारा को बाजार में उतारने से पहले देश में चाíजंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। कंपनी अपने इस मॉडल को देश के परिवारों का प्रमुख वाहन बनाना चाहती है। वाहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ने बिक्री के बाद सहायता बढ़ाने, मॉडल लाने तथा ग्राहकों को मॉडल खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने को ‘वित्तपोषण’ के अधिक विकल्प उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई है।
मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने बातचीत में कहा, ग्राहकों के लिए सबसे बड़ी चिंता चार्जिंग के मामले में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की कमी है। इसलिए हम शीर्ष 100 शहरों में 10 किलोमीटर की दूरी पर फास्ट चाजर्र लगाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि देश में जितने भी इलेक्ट्रिक वाहन बिक रहे हैं, उनका अधिकांश हिस्सा यानी 97 प्रतिशत हिस्सा इन 100 शहरों से आ रहा है।
बनर्जी ने कहा,‘‘हमारा मानना है कि जो ग्राहक कार खरीदेगा वह शहर से बाहर भी जाएगा, इसलिए हम अपनी ई-विटारा को प्राथमिक कार बनाना चाहते हैं, न कि द्वितीयक कार और इसे प्राथमिक कार बनाने के लिए, बिक्री के बाद अच्छी र्सिवस प्रदान करना बहुत महत्वपूर्ण है। एमएसआई ने भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में इलेक्ट्रिक एसयूवी का अनावरण किया था। ई-विटारा को पहले कुछ प्रमुख विदेशी बाजारों में निर्यात किया जाएगा और उसके बाद इसे भारत बेचा जाएगा।

