
Suzuki Motor car in 2025: भारतीय वाहनों के बाजारों में जापानी कार निर्माता कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन बहुत मशहुर कंपनी है। ऐसे में सुजुकी ने अपनी कुछ कारों का वजन कम करने की कोशिश कर रही है ताकि उनका माइलेज बढ़ाया जा सके। कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 10 सालों में कार निर्माता कंपनी अपनी किफायती कार ऑल्टो का वजन 100 किलो तक कम कर सकती है। जो वजन में 100 किलो की कमी के बाद इसका कर्ब वेट करीब 578 किलोग्राम हो जाएगा, जिससे कार ज्यादा फ्यूल एफिशिएंट हो जाएगी। मौजूदा जनरेशन की ऑल्टो K10 का वजन 680 किलोग्राम है।

कारें होंगी ज्यादा फ्यूल एफिशिएंट-
वाहनों के वजन में कमी के बाद यह कार 1970 में लॉन्च हुए अपने ओरिजिनल मॉडल के बराबर हो जाएगी। हाल ही में मारुति ने नई जनरेशन की स्विफ्ट में Z सीरीज इंजन पेश किया है जो पहले से ज्यादा एफिशिएंट है। मारुति के इस कदम का मकसद बजट कारों में छोटे और ज्यादा एफिशिएंट इंजन लाना है।
नई ऑल्टो में मिलेगी इतनी माइलेज-
कंपनी के अनुसार, अगले 10 सालों में वैगनआर, बलेनो, फ्रैंक्स और डिजायर जैसे मॉडलों में इस इंजन का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। कंपनी इस इंजन के बायोफ्यूल और बायोगैस वर्जन भी तैयार कर रही है। मारुति का कहना है कि यह इंजन 40 फीसदी ज्यादा थर्मली एफिशिएंट भी है। मारुति 2027 में नए इंजन पर आधारित नई ऑल्टो लॉन्च कर सकती है।
जानें कब लॉन्च होगी पहली इलेक्ट्रिक कार-
कंपनी का मानना है कि 2025 की शुरुआत में भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करेगी। कंपनी की योजना अधिक कुशल हाइब्रिड तकनीक लाने की भी है। ऐसे में कंपनी को 10KW आउटपुट वाली मोटर की जरूरत होगी जो कार में 30% पावर जनरेट करेगी। उसकी मौजूदा हाइब्रिड कारों में मिलने वाली 2KW की मोटर भविष्य में पुरानी हो जाएगी।
16 सालों से ऑल्टो होगी नंबर 1-
मारुति ऑल्टो 16 सालों से भारतीय बाजार में कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही है। ऑल्टो और वैगनआर जैसी कारों ने मारुति को भारतीय कार बाजार में पैर जमाने में मदद की है। अब जब कार निर्माता कंपनी स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रही है, तो कंपनी अपने वाहनों के इंजन में भी बदलाव कर रही है।
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