ऑटो डेस्क: टाटा मोटर्स ने भारत में लग्जरी कारों के प्रोडक्शन को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 9 फरवरी 2026 से तमिलनाडु के चेन्नई के पास स्थित पनापक्कम प्लांट में जगुआर लैंड रोवर (JLR) की कारों की असेंबली शुरू की जाएगी। यह फैसला भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
9,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश
पनापक्कम प्लांट में टाटा मोटर्स ने करीब 9,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह निवेश कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति को दिखाता है, जिसके तहत भारत को लग्जरी और प्रीमियम कार मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाया जा रहा है।
प्लांट की उत्पादन क्षमता और रोजगार के अवसर
इस फैक्ट्री की घोषणा साल 2024 में की गई थी। प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता लगभग 2.5 लाख गाड़ियों की होगी, जब यह यूनिट पूरी तरह से चालू हो जाएगी, तब यहां 5,000 से अधिक लोगों को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
भारत में बढ़ेगा लग्जरी कारों का निर्माण
फिलहाल भारत में प्रीमियम और लग्जरी कारों की मांग सीमित है, लेकिन आने वाले वर्षों में इसमें तेजी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही एक्सपोर्ट को ध्यान में रखते हुए यह प्लांट टाटा मोटर्स के लिए मजबूत आधार साबित हो सकता है।
भारत में कौन-सी JLR कारें बन सकती हैं?
कंपनी ने अभी यह साफ नहीं किया है कि पनापक्कम प्लांट में JLR के कौन-कौन से मॉडल तैयार किए जाएंगे। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सबसे पहले रेंज रोवर एवोक की असेंबली शुरू हो सकती है। भविष्य में अन्य जगुआर और लैंड रोवर मॉडल भी इस प्लांट में बनाए जा सकते हैं।
इलेक्ट्रिक कारों के लिए भी तैयार है प्लांट
इस प्लांट की खास बात यह है कि यहां इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण की सुविधा भी मौजूद है। इससे संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में JLR की इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी भारत में असेंबल या तैयार की जा सकती हैं।
निर्यात पर भी टाटा मोटर्स की नजर
वर्तमान में टाटा मोटर्स पुणे प्लांट में CKD (कम्प्लीटली नॉक्ड डाउन) तरीके से JLR कारों की असेंबली करती है। चेन्नई के पनापक्कम प्लांट की शुरुआत के बाद कंपनी भारत से अमेरिका समेत अन्य देशों में JLR कारों के निर्यात की संभावनाएं भी तलाश रही है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से इस योजना को और मजबूती मिल सकती है।
ऑटो सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि
पनापक्कम प्लांट में JLR कारों की असेंबली शुरू होना न सिर्फ टाटा मोटर्स के लिए बल्कि पूरे भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे भारत की पहचान एक मजबूत ऑटो मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत होगी।

