Last Updated: October 2, 2026

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Volkswagen की बड़ी तैयारी, 1 लाख कर्मचारियों की जा सकती है छंटनी, कई फैक्ट्रियां भी होंगी बंद

June 27, 2026

Volkswagen की बड़ी तैयारी, 1 लाख कर्मचारियों की जा सकती है छंटनी, कई फैक्ट्रियां भी होंगी बंद

ऑटो डेस्क: दुनिया की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल Volkswagen Group आने वाले वर्षों में अपने कारोबार में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। कंपनी लागत कम करने के लिए करीब 1 लाख कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है। इसके अलावा जर्मनी में स्थित कई फैक्ट्रियों को बंद करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

CEO ने रखा बड़ा प्रस्ताव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Volkswagen Group के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ओलिवर ब्लूम ने हाल ही में कंपनी की मैनेजमेंट बोर्ड बैठक में बड़े स्तर पर बदलावों का प्रस्ताव पेश किया है। इस योजना का मकसद कंपनी के खर्च में कमी लाना और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना है।

6.57 लाख से घटाकर 5.57 लाख करने का लक्ष्य

फिलहाल Volkswagen Group में दुनियाभर में करीब 6.57 लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं। कंपनी की योजना अगले कुछ वर्षों में कर्मचारियों की संख्या घटाकर लगभग 5.57 लाख करने की है। यदि यह योजना लागू होती है तो करीब 1 लाख कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी कर्मचारी कटौती में से एक मानी जा रही है।

अगले सप्ताह होगी अहम बैठक

इस प्रस्ताव पर अगले सप्ताह होने वाली सुपरवाइजरी बोर्ड की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। यदि बोर्ड इस योजना को मंजूरी देता है, तो कंपनी चरणबद्ध तरीके से कर्मचारियों की संख्या कम करने और अन्य बदलावों पर काम शुरू कर सकती है।

कई फैक्ट्रियां बंद करने की तैयारी

Volkswagen केवल कर्मचारियों की संख्या कम करने तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी जर्मनी में मौजूद अपनी चार उत्पादन इकाइयों को बंद करने की योजना भी बना रही है। इनमें Audi की नेकरसुल्म यूनिट, Hanover स्थित Volkswagen प्लांट, Zwickau प्लांट और Emden प्लांट शामिल हैं। हालांकि, कंपनी भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एक नया कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रही है।

10 वर्षों में 12.5 अरब डॉलर की बचत का लक्ष्य

Volkswagen का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में अपनी कुल लागत में लगभग 12.5 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये) की कमी लाना है। कंपनी का मानना है कि खर्च कम करने से वह इलेक्ट्रिक वाहनों, नई तकनीकों और रिसर्च एंड डेवलपमेंट में अधिक निवेश कर सकेगी।

इन चुनौतियों का सामना कर रही है कंपनी?

Volkswagen इस समय कई वैश्विक चुनौतियों से जूझ रही है। अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ, चीन की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी BYD से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तेजी से बदलता वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार कंपनी पर दबाव बना रहे हैं। इसी वजह से कंपनी अपने पूरे बिजनेस मॉडल में बदलाव करने और भविष्य की जरूरतों के अनुसार खुद को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है।

आधिकारिक मंजूरी का इंतजार

फिलहाल यह योजना प्रस्ताव के स्तर पर है और इसे सुपरवाइजरी बोर्ड की मंजूरी मिलना बाकी है। यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो Volkswagen Group आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी और उत्पादन इकाइयों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

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