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‘अगर उकसाया गया तो भारत कड़ा जवाब देगा’, शशि थरूर ने पाकिस्तान को दिया कड़ा संदेश

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख साफ है – अगर पाकिस्तान ने उकसाया, तो भारत चुप नहीं बैठेगा और जवाब देगा। उन्होंने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन देश पर हमला होगा तो जवाब ज़रूर मिलेगा। थरूर हाल ही में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पांच देशों के दौरे पर थे, जहां उन्होंने भारत का पक्ष मजबूती से रखा। थरूर ने कहा, “हमने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया, अगर वो रुकेंगे, तो हम भी रुकेंगे। लेकिन अगर वो हमला करेंगे, तो हम कड़ा जवाब देंगे।”

दुनिया ने माना भारत का संयम और सोच
थरूर ने बताया कि दुनिया भर के नेताओं और अधिकारियों ने भारत के संयम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता, बल्कि उसका ध्यान विकास और देश के भविष्य पर है। उन्होंने यह भी कहा कि “हम काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन जब आतंकवादी हम पर हमला करते हैं तो हमें मजबूरन जवाब देना पड़ता है।”

भारत की कूटनीतिक तैयारी पाकिस्तान से बहुत आगे
थरूर ने बताया कि भारत ने इस मुद्दे पर दुनिया भर में सात प्रतिनिधिमंडल भेजे, जबकि पाकिस्तान सिर्फ दो ही भेज सका। उन्होंने कहा, “हमने अमेरिका जैसे देशों में बड़े नेताओं से मुलाकात की और भारत का संदेश साफ किया। पाकिस्तान हमारे आसपास भी नहीं है।” उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की नियुक्तियां उच्च स्तर की थीं, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और अन्य बड़े अधिकारी भारत के प्रतिनिधियों से मिले।

प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल था?
इस प्रतिनिधिमंडल में कई राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे –
-शशि थरूर (कांग्रेस)
-तेजस्वी सूर्या, भुवनेश्वर कलिता, शशांक मणि त्रिपाठी (भाजपा)
-शांभवी चौधरी (लोक जनशक्ति पार्टी)
-सरफराज अहमद (झारखंड मुक्ति मोर्चा)
-जी एम हरीश बालयोगी (तेलुगु देशम पार्टी)
-मल्लिकार्जुन देवड़ा और मिलिंद देवड़ा (शिवसेना)
-अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू भी इस दल में शामिल थे।

ऑपरेशन सिंदूर और हमला
यह कूटनीतिक दौरा “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत किया गया था, जिसे भारत सरकार ने 7 मई को शुरू किया। इससे पहले, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इसके बाद भारत ने कड़ा कदम उठाया और पाकिस्तान तथा पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। इनमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए, जिनका संबंध जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से था।

थरूर ने कहा- दौरा रहा पूरी तरह सफल
थरूर ने कहा कि यह दौरा पूरी तरह सफल रहा और दुनिया को भारत की एकता, संयम और ताकत का संदेश गया। उन्होंने कहा, “हम हर जगह से अच्छी प्रतिक्रिया के साथ लौटे। भारत की बात को अच्छी तरह सुना और समझा गया।” अंत में उन्होंने कहा कि यह दौरा यह दिखाने के लिए था कि भारत एकजुट है, और दुनिया भर में भारत के संदेश को मजबूत तरीके से पहुंचाया गया है।

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