नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का एक बयान हाल ही में विवादों में घिर गया है। दरअसल, शाजापुर में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी जुबान फिसल गई। सिंह ने कहा, “जब बाबरी मस्जिद शहीद हुई थी, उस समय मैं कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष था। मैंने लगभग दो हफ्ते तक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के दफ्तर में रात बिताई, घर नहीं गया था। लेकिन हिंदू-मुसलमानों को जोड़कर हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की।”
सिंह का यह बयान उस समय सामने आया जब वह भाजपा सरकार को निशाना बना रहे थे। हालांकि, उन्हें कहना था कि उन्होंने दंगे और फसाद को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन जुबान से ‘रोकने’ की बजाय ‘होने’ शब्द निकल गया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों में हलचल मच गई।
सुनिए दिग्विजय सिंह का काबुलनामा !
बाबरी मस्जिद शहीद होने पर दंगे हमने करवाए ! pic.twitter.com/LtdS3jIO3n— विश्वास कैलाश सारंग (@VishvasSarang) April 17, 2025
बीजेपी का तीखा पलटवार
भाजपा ने दिग्विजय सिंह के इस बयान पर तीखा हमला करते हुए इसे ‘कुबूलनामा’ करार दिया। एमपी के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा, “यह दिग्विजय सिंह का कबूलनामा है। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने दंगे करवाए। कांग्रेस ने हमेशा दंगे भड़काने का काम किया है।” मंत्री ने वीडियो को ट्वीट कर कांग्रेस नेता के बयान को भाजपा की ओर से आलोचना का कारण बनाया।
दिग्विजय सिंह की सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद, दिग्विजय सिंह ने अपनी सफाई दी और कहा कि उनका बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा, “मैंने यह नहीं कहा था कि दंगे करवाने की कोशिश की, बल्कि मैंने कहा था कि दंगा और फसाद रोकने के लिए पूरी कोशिश की थी।” सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने बाबरी मस्जिद को ‘शहीद’ कहने का बयान इस वजह से दिया क्योंकि जबरदस्ती किसी धार्मिक स्थल को गिराना गलत है।
विवाद का कारण बना बाबरी मस्जिद का बयान
दिग्विजय सिंह का बाबरी मस्जिद को ‘शहीद’ कहने वाला बयान भी विवाद का कारण बना। उनका कहना था कि जब किसी पूजा स्थल को तोड़ा जाता है, तो उसे ‘शहीद’ ही कहा जा सकता है। भाजपा ने इस बयान को भी उनके हिन्दू विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए आलोचना की है।
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