नेशनल डेस्क: भारत और चीन ने 2020 से रुकी हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। यह यात्रा तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की तीर्थयात्रा है, जो हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
इस साल होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में इस बात की पुष्टि की कि यात्रा को फिर से शुरू करने की तैयारी हो रही है और जल्दी ही इस पर एक सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी। उन्होंने कहा, “इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा होगी और हम इसकी तैयारी कर रहे हैं।” COVID-19 महामारी के कारण यह यात्रा 2020 से निलंबित थी, लेकिन अब दोनों देशों ने इस यात्रा को फिर से शुरू करने के लिए अपनी सहमति जताई है।

सीधी हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने की चर्चा
जायसवाल ने यह भी बताया कि भारतीय और चीनी अधिकारियों की टीमों के बीच सीधी हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने की चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2025 में भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री की बीजिंग यात्रा के दौरान इस विषय पर बातचीत हुई थी। सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर दोनों देशों ने सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की है, लेकिन इसके लिए तकनीकी और प्रक्रियागत तैयारी की जरूरत है। इस विषय पर दोनों देशों की नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों के अधिकारी आपस में चर्चा कर रहे हैं।
#WATCH | On Kailash Mansarovar Yatra, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “We will soon issue a notice for the public on the Kailash Mansarovar Yatra. There is a possibility of resumption of the Yatra soon.” pic.twitter.com/yjiRLWwGxY
— ANI (@ANI) April 17, 2025
दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों में सुधार की उम्मीद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने वीजा मुद्दे पर भी जानकारी दी और कहा कि भारत और चीन इस मुद्दे पर कई स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वीजा संबंधित समस्याओं का समाधान जल्द ही निकलेगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने से दोनों देशों के बीच पर्यटन और लोगों के बीच आपसी संबंधों में सुधार की उम्मीद है। इस निर्णय को दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ से पहले लिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच बेहतर समझ और सहयोग बढ़ेगा।
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