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सड़क हादसे में जान गंवाने वाले शख्स के परिजनों को 1.5 करोड़ रुपए मुआवजा, ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला

नई दिल्ली : मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने 2021 में एक सड़क हादसे में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 1.5 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में देने का फैसला सुनाया है। यह फैसला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो सड़क दुर्घटनाओं में मृतक के परिवारों के लिए न्याय की दिशा में एक मिसाल बन सकता है। आइए जानते है इस पूरे मामले को विस्तार से…

13 फरवरी 2021 को हुआ था एक्सीडेंट

दरअसल, यह हादसा 13 फरवरी 2021 को हुआ था, जब 31 वर्षीय लक्ष्मीनारायण तरनीराव पुलकला अपनी बाइक से महाराष्ट्र के पालघर जिले की ओर जा रहे थे। तभी एक ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद लक्ष्मीनारायण बाइक से गिर गए और ट्रक उनके सिर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बता दें कि मृतक लक्ष्मीनारायण एक लेबर सप्लायर फर्म के मालिक थे और हर साल 12.95 लाख रुपये की आय कमाते थे। इस दुर्घटना में उनके परिवार के सदस्य, जिनमें उनकी पत्नी, मां और नाबालिग बच्चे शामिल थे, मुआवजे के लिए ट्रिब्यूनल के पास पहुंचे।

मुआवजे की राशि…

आपको बता दें कि मृतक के परिवार ने ट्रिब्यूनल से 2.17 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, ट्रक मालिक और उसके बीमाकर्ता ट्रिब्यूनल के सामने पेश नहीं हुए, जिसके कारण ट्रिब्यूनल ने एकपक्षीय आदेश पारित किया। ट्रिब्यूनल ने ट्रक मालिक और उसके बीमाकर्ता को आदेश दिया कि वे मुआवजे की राशि का भुगतान 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ करें। यदि वे निर्धारित समय में यह भुगतान नहीं करते, तो ब्याज की दर 8.50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।

मुआवजे का वितरण

मुआवजे की राशि में विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राशि का बंटवारा किया गया है:

भविष्य में निर्भरता के नुकसान के लिए: 1.06 करोड़ रुपये

भविष्य की संभावनाओं के लिए आय के नुकसान का मुआवजा: 42.68 लाख रुपये

संपत्ति के नुकसान और अंतिम संस्कार के खर्च के लिए: 15,000 रुपये

फ़िलियल कंसोर्टियम के लिए: 40,000 रुपये

ट्रिब्यूनल ने परिवार के विभिन्न सदस्य को राशि का वितरण भी तय किया

मृतक की पत्नी को: 70 लाख रुपये

मृतक के नाबालिग बच्चे और पत्नी के नाम पर: 30-30 लाख रुपये एफडी में जमा किए जाएंगे

मृतक की मां को: 20.1 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा

ट्रिब्यूनल का निर्णय…

इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए व्यक्तियों के परिवारों को मुआवजा देने में कानून की प्रभावी भूमिका है। ट्रिब्यूनल ने मुआवजे की राशि के साथ-साथ भविष्य में परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए उपाय भी किए हैं। यह निर्णय अन्य मामलों में भी एक उदाहरण हो सकता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के परिवारों को न्याय मिल सके।

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