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नेपाल में हिंसक विरोध प्रदर्शन में 20 लोगों की मौत, भारत में अलर्ट जारी…. SSB ने बॉर्डर पर बढ़ाई चौकसी

नेशनल डेस्क: नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार को लेकर ओली सरकार के खिलाफ युवाओं का विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो उठा है। अब तक करीब 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। नेपाल में जारी विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए भारत ने नेपाल से लगी अपनी सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने चौकसी बढ़ा दी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी भारतीय क्षेत्र में न फैले, इसके लिए हालात पर नज़र रखी जा रही है।

अलर्ट जारी, नियंत्रण में स्थिति

अधिकारियों ने बताया कि यह अलर्ट पूरी तरह सावधानी के तौर पर जारी किया गया है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। सीमा चौकियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और लोगों की आवाजाही की भी ठीक से जांच की जा रही है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही भी सुचारू रखने की कोशिश हो रही है।

कितने किलोमीटर लंबी सीमा 

भारत-नेपाल की सीमा करीब 1,751 किलोमीटर लंबी है, जो उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम से होकर गुजरती है। यह सीमा खुली है और दोनों देशों के नागरिक बिना किसी वीज़ा या परमिट के इधर-उधर आ-जा सकते हैं। यही कारण है कि जब भी नेपाल में राजनीतिक अशांति या विरोध प्रदर्शन होते हैं, तो भारत को भी सीमा पर सतर्क रहना पड़ता है।

SSB के पास 90,000 से अधिक जवान

ऐसा पहली बार नहीं है जब नेपाल की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। 2015 में भी मधेसी आंदोलन के समय सीमा सुरक्षा कड़ी की गई थी, जिससे व्यापार और आवाजाही प्रभावित हुई थी। वर्तमान में SSB के पास 90,000 से अधिक जवान हैं और यह बल न सिर्फ सीमा सुरक्षा करता है, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर देश के भीतर भी आतंकवाद-रोधी और आंतरिक सुरक्षा अभियानों में तैनात होता है।

नेपाल में क्यों हो रहा प्रदर्शन 

नेपाल में इन दिनों हज़ारों युवा सोशल मीडिया बैन और सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं। हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने संसद तक घुसने की कोशिश की थी। इसके बाद नेपाल सरकार ने फेसबुक सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि फर्जी आईडी से अभद्र भाषा, फर्जी खबरें और ऑनलाइन धोखाधड़ी बढ़ रही थी, इसलिए यह कदम उठाया गया है।

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