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कैबिनेट मीटिंग में 4 नई परियोजनाओं को मंजूरी, सरकार खर्च करेगी 4,600 करोड़ रुपये

August 12, 2025

कैबिनेट मीटिंग में 4 नई परियोजनाओं को मंजूरी, सरकार खर्च करेगी 4,600 करोड़ रुपये

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए 4,600 करोड़ रुपये की चार नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह परियोजनाएं भारत में सेमीकंडक्टर चिप्स, पैकेजिंग और उन्नत सामग्रियों के निर्माण को बढ़ावा देंगी। इससे करीब 2,000 नई नौकरियों का सृजन होगा और भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। इन परियोजनाओं में से दो ओडिशा में, एक पंजाब में और एक आंध्र प्रदेश में होगी।

ओडिशा को मिलेगा सेमीकंडक्टर निर्माण का एक प्रमुख केंद्र

इन स्वीकृत परियोजनाओं में ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित “इन्फो वैली” क्षेत्र में दो परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। ओडिशा अब सेमीकंडक्टर निर्माण में एक उभरते हुए केंद्र के रूप में सामने आ रहा है।

1. SiCSem Private Limited: यह कंपनी भारत की पहली वाणिज्यिक कंपाउंड सेमीकंडक्टर निर्माण सुविधा स्थापित करेगी। यह संयंत्र सालाना 60,000 सेमीकंडक्टर वेफर्स का उत्पादन करेगा और 9.6 करोड़ यूनिट पैकेजिंग करेगा। इसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, रेलवे, सौर इन्वर्टर्स, डेटा सेंटर और मिसाइल प्रणालियों जैसी विभिन्न तकनीकी परियोजनाओं में होगा।

2. 3D ग्लास सॉल्यूशंस इंक. (3DGS): इस परियोजना के तहत उन्नत पैकेजिंग और एम्बेडेड ग्लास सबस्ट्रेट निर्माण की सुविधा स्थापित होगी। यह तकनीक विशेष रूप से उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडियो आवृत्ति और फोटोनिक्स अनुप्रयोगों में उपयोगी होगी।

 

आंध्र प्रदेश और पंजाब में भी सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी

1. आंध्र प्रदेश: एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज (ASIP) टेक्नोलॉजीज, जो दक्षिण कोरिया की APACT कंपनी के साथ मिलकर काम करेगी, एक सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी, जो सालाना 96 मिलियन यूनिट का उत्पादन करेगी। यह संयंत्र मोबाइल उपकरणों, सेट-टॉप बॉक्स और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उत्पादों के लिए सेमीकंडक्टर का उत्पादन करेगा।

2. पंजाब: पंजाब के मोहाली में कॉन्टिनेंटल डिवाइस इंडिया लिमिटेड (CDIL) अपनी सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षमता का विस्तार करेगा। यह सुविधा उच्च-शक्ति उपकरणों का उत्पादन करेगी, जो इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों, औद्योगिक स्वचालन और संचार अवसंरचना में उपयोगी होंगे।

भारत की सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती स्थिति

इन स्वीकृत परियोजनाओं के साथ भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण की क्षमता को एक बड़ी ताकत मिल रही है। इन परियोजनाओं से न केवल भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि एक मजबूत सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र भी स्थापित होगा। अब तक, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत भारत में 10 परियोजनाओं का निवेश 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसके साथ ही, 72 सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स और 278 शैक्षिक संस्थान सेमीकंडक्टर अनुसंधान और विकास में लगे हुए हैं।

नौकरियों का सृजन और कौशल विकास

इन परियोजनाओं के माध्यम से 2,000 से ज्यादा कुशल नौकरियों का सृजन होगा। इसके अलावा, 60,000 से ज्यादा छात्र सेमीकंडक्टर कौशल विकास कार्यक्रमों से लाभ उठा रहे हैं, जिससे उन्हें उद्योग के लिए तैयार किया जाएगा। भारत के लिए यह कदम आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो न केवल घरेलू उद्योग को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत की स्थिति को भी मजबूत करेगा।

 

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