
नई दिल्ली: राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब भारत और हमारे वैज्ञानिकों के लिए अंतरिक्ष में एक के बाद एक उपलब्धियां हासिल करना आदत बन गई है। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम को वर्चुअली (ऑनलाइन) संबोधित किया और कहा कि भारत के वैज्ञानिकों का स्वभाव है कि वे हर दिन कुछ नया करके दिखाते हैं।
प्रधानमंत्री ने चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता को याद किया और बताया कि “भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बना, ये हम सभी के लिए गर्व का विषय है।”
प्रधानमंत्री ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की भी जमकर तारीफ की, जो हाल ही में अमेरिका के AX-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर गए थे। उन्होंने बताया कि शुभांशु शुक्ला ने वहां तिरंगा फहराया और भारत का नाम रोशन किया। पीएम मोदी ने कहा, “उनसे मुलाकात कर मैंने भारत के युवाओं के असीम साहस और सपनों को देखा।”
#WATCH | Delhi: On the National Space Day, Prime Minister Narendra Modi says, “We have also become the fourth country in the world to have the capability of docking and undocking in space. Just 3 days ago, I met Group Captain Shubhanshu Shukla. He filled every Indian with pride… pic.twitter.com/qAW9k4Mvfq
— ANI (@ANI) August 23, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अंतरिक्ष तकनीक में हो रही प्रगति की चर्चा की, जैसे, सेमी-क्रायोजेनिक इंजन और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन तकनीक। उन्होंने यह भी बताया कि अब भारत जल्द ही गगनयान मिशन के ज़रिए अंतरिक्ष में मानव भेजने की तैयारी कर रहा है। पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान 2027 की पहली तिमाही में होने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत अब अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।”
प्रधानमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार अब भारतीय अंतरिक्ष यात्री समूह तैयार कर रही है और उन्होंने युवाओं से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस साल अंतरिक्ष दिवस की थीम है, आर्यभट्ट से गगनयान तक इसका मतलब है कि हम अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेते हुए भविष्य की ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं।
#WATCH | Delhi: On the National Space Day, Prime Minister Narendra Modi says, “Today, India is rapidly advancing in breakthrough technologies like semi-cryogenic engines and electric propulsion. Soon, with the hard work of all you scientists, India will also soar with Gaganyaan… pic.twitter.com/2zq0pxObBn
— ANI (@ANI) August 23, 2025
हाल ही में भारत ने खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी पर अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड की मेजबानी की, जिसमें 60 से अधिक देशों के 300 युवाओं ने हिस्सा लिया। भारतीय छात्रों ने इसमें पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे साफ है कि भारत अब अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है।
23 अगस्त 2023 को भारत ने चंद्रयान-3 की सफलता के साथ इतिहास रचा। इसी दिन को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने 23 अगस्त को “राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस” घोषित किया था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, ISRO प्रमुख वी. नारायणन और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला शामिल रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...