Nepal Protest: नेपाल में युवाओं के हिंसक आंदोलन के बाद स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रधानमंत्री केपी ओली के इस्तीफे के बाद अब नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी इस्तीफा दे दिया है। ओली ने अपने इस्तीफे के साथ कहा कि मौजूदा स्थिति का राजनीतिक और संवैधानिक हल निकालने के लिए उनका पद छोड़ना जरूरी है।
ओली के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद ही राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी पद छोड़ दिया।
ओली के घर पर हमला और आगजनी
आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री ओली के बालकोट स्थित निजी घर में आग लगा दी। सिर्फ यही नहीं, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल प्रचंड, संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग, और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक के घरों पर भी हमला किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने को लेकर शुरू हुआ आंदोलन
नेपाल में सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया। इस फैसले के खिलाफ देश के युवाओं ने, खासकर Gen-Z (नई पीढ़ी) ने ज़बरदस्त विरोध शुरू कर दिया। शुरुआत में आंदोलन शांत था, लेकिन जल्द ही यह हिंसक और बड़ा रूप ले गया।
आंदोलन ने लिया उग्र रूप
9 सितंबर को हालात और बिगड़ गए। आंदोलनकारियों ने कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की। राष्ट्रपति भवन और संसद भवन पर हमला किया गया। कई मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों पर धावा बोला गया। सुप्रीम कोर्ट और कैबिनेट से जुड़ी इमारतों में आग लगा दी गई। इस हिंसक आंदोलन में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है।
इन मंत्रियों ने दिया इस्तीफे
जब हालात काबू से बाहर हो गए, तो सरकार में बड़ी हलचल शुरू हो गई। सबसे पहले गृह मंत्री ने इस्तीफा दिया। उसके बाद एक-एक कर कई मंत्रियों ने पद छोड़ दिया। अंत में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भी इस्तीफा देना पड़ा।
आंदोलनकारियों ये हैं मांगें
आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं, प्रधानमंत्री ओली का इस्तीफा (जो मिल चुका है)। नई राष्ट्रीय सरकार का गठन। भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।
राजनीतिक दलों ने कही ये बाद
नेपाली कांग्रेस के बड़े नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी को ओली सरकार से अपने सभी मंत्री वापस बुलाने चाहिए और खुद सरकार बनानी चाहिए। साथ ही Gen-Z आंदोलन से बातचीत शुरू करनी चाहिए, ताकि स्थिति को काबू में लाया जा सके।
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