नई दिल्ली: अहमदाबाद में 12 जून को हुए भयानक विमान हादसे पर कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने ऐसी खबरें चलाईं, जो बिना किसी पुष्टि के और भ्रामक थीं। इन्हीं रिपोर्टों को लेकर भारत की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी एएआईबी (Aircraft Accident Investigation Bureau) ने नाराजगी जताई है। एएआईबी का कहना है कि “जांच पूरी होने से पहले मनगढ़ंत बातें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है”, और इससे जांच की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है।
The Wall Street Journal की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि हादसे के समय एक पायलट ने जानबूझकर विमान के इंजन में ईंधन की सप्लाई बंद कर दी थी। यह दावा ब्लैक बॉक्स (कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) के हवाले से किया गया।

एएआईबी ने कहा कि जांच अब भी जारी है। किसी भी तरह की अंतिम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। ऐसी अफवाहें और गलत जानकारी सिर्फ भ्रम फैलाती हैं और जांच को नुकसान पहुंचाती हैं। एएआईबी ने अपील की कि जब तक आधिकारिक रिपोर्ट सामने न आ जाए, तब तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचा जाए।
एएआईबी की प्रारंभिक (शुरुआती) रिपोर्ट के मुताबिक हादसे के समय बोइंग ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजन उड़ान के कुछ सेकंड बाद ही बंद हो गए। इसका कारण था, ईंधन की आपूर्ति रुक जाना। रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है, “तुमने फ्यूल स्विच क्यों बंद किया?” जवाब में दूसरा पायलट कहता है, “मैंने नहीं किया।” यानी स्विच अपने-आप बदल गया या किसी तकनीकी गलती से ऐसा हुआ।

फ्लाइट नंबर AI-171, अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान गिर गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई। इनमें विमान में सवार 241 लोग और आसपास की इमारतों में मौजूद 19 नागरिक शामिल थे। सिर्फ एक यात्री जीवित बचा– जो ब्रिटिश नागरिक था। विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक सवार थे। इस हादसे को भारत के सबसे बड़े एविएशन हादसों में से एक माना जा रहा है। एएआईबी ने बताया कि वह अब तक 92 दुर्घटनाएं और 111 गंभीर घटनाएं सफलतापूर्वक जांच चुका है।
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