नई दिल्ली: भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा जांच को और सख्त कर दिया है। यह कदम एयर इंडिया की लंदन जा रही फ्लाइट AI171 में अहमदाबाद से उड़ान भरते समय आई गंभीर तकनीकी खराबी के बाद उठाया गया है। DGCA ने एयर इंडिया को सख्त आदेश दिए हैं कि 15 जून 2025 की रात 12 बजे से पहले हर ड्रीमलाइनर विमान की एक बार की विशेष तकनीकी जांच करना अनिवार्य होगा। यह जांच भारत से उड़ान भरने से पहले ही पूरी करनी होगी।
क्या-क्या जांचा जाएगा
DGCA ने कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों की जांच को जरूरी बताया है, जैसे: फ्यूल यानी ईंधन से जुड़े सभी पैरामीटरों की जांच, कैबिन एयर कंप्रेसर सिस्टम (जिससे केबिन में हवा और दबाव बनाए रखा जाता है), इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल टेस्ट, इंजन में फ्यूल पहुंचाने वाले सिस्टम की जांच, तेल (ऑयल) सिस्टम और हाइड्रोलिक सिस्टम की सही से सेवा और परीक्षण शामिल है। इसके अलावा, टेकऑफ यानी उड़ान से पहले सभी जरूरी तकनीकी मापदंडों की अच्छे से समीक्षा करना भी जरूरी होगा।
अन्य जरूरी निर्देश
DGCA ने आदेश दिया है कि “फ्लाइट कंट्रोल इंस्पेक्शन” को अब हर बार विमान के रुकने और आगे उड़ने (ट्रांजिट) की जांच में शामिल किया जाए। यह तब तक जारी रहेगा जब तक कोई नया आदेश न आ जाए। अगले दो हफ्तों में “पावर एश्योरेंस चेक” कराना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यह जांच यह सुनिश्चित करती है कि इंजन पूरी ताकत और भरोसे के साथ काम कर रहा है। DGCA ने पिछले 15 दिनों में सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों (snags) की पूरी समीक्षा करने और उनसे जुड़ा सारा मरम्मत कार्य जल्द से जल्द पूरा करने को भी कहा है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
DGCA का यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों और विमान यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे।

