नेशनल डेस्क: पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के कई राज्यों को 7 मई को एक बड़ी मॉक ड्रिल (अभ्यास) कराने को कहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति या दुश्मन हमले के दौरान आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पहलगाम आतंकी हमलने के में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। सरकार ने साफ कहा है कि हमले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस मॉक ड्रिल में ये कदम उठाए जाएंगे:
-हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए जाएंगे, ताकि लोगों को अलर्ट किया जा सके।
-आम नागरिकों, छात्रों आदि को ट्रेनिंग दी जाएगी कि हमले की स्थिति में कैसे सुरक्षित रहें।
-ब्लैकआउट (बिजली बंद करने) का अभ्यास किया जाएगा, ताकि दुश्मन को कोई ठिकाना न दिखे।
-जरूरी और संवेदनशील ठिकानों को छिपाने की व्यवस्था भी होगी।
-निकासी योजना (evacuation plan) को अपडेट किया जाएगा और उसका अभ्यास कराया जाएगा।
फिरोजपुर में ब्लैकआउट रिहर्सल
पहलगाम हमले के बाद फिरोजपुर छावनी क्षेत्र में भी रविवार रात 9 बजे से 9:30 बजे तक ब्लैकआउट रिहर्सल की गई। इस दौरान सभी लाइटें बंद कर दी गईं। कैंट थाने के एसएचओ गुरजंत सिंह ने बताया कि आदेशों के अनुसार सख्ती से ब्लैकआउट का पालन किया गया और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही।
भारत सरकार ने लिए बड़े फैसले
सशस्त्र बलों को पूरी तरह से कार्रवाई की छूट दी है, ताकि आतंक के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए जा सकें। सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया है। पाकिस्तान से आयात होने वाली सभी वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार रुक गया है।
एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई, जिसमें सभी विपक्षी दलों ने इस हमले के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को समर्थन दिया। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में यह बात सामने आई कि यह हमला जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक चुनावों और विकास की प्रक्रिया को रोकने की कोशिश थी। यह मॉक ड्रिल और सुरक्षा तैयारियां भारत की ओर से यह संदेश देने का हिस्सा हैं कि देश किसी भी खतरे या आतंक के सामने झुकेगा नहीं और हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोपरि है।

