उत्तर प्रदेश डेस्क : इलाहाबाद HC आज यानी शुक्रवार को संभल स्थित जामा मस्जिद की सफाई को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मस्जिद की सफाई कराने का आदेश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि फिलहाल मस्जिद की रंगाई और पुताई नहीं की जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी, जिसमें मस्जिद कमेटी अपना पक्ष अदालत में पेश करेगी। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
ASI को निरीक्षण और रिपोर्ट सौंपने का आदेश
आपको बता दें कि हाई कोर्ट ने एएसआई को निर्देश दिया था कि वह तीन अधिकारियों की टीम बनाकर मस्जिद का तत्काल निरीक्षण करें और शुक्रवार सुबह 10 बजे तक अपनी रिपोर्ट अदालत में सौंपें। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिपोर्ट में यह जानकारी दी जाए कि मस्जिद के परिसर में पुताई और मरम्मत की जरूरत है या नहीं। इसके साथ ही, रमजान से पहले होने वाले कार्य की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
अदालत का पुताई पर स्पष्ट आदेश
वहीं इस मामले की सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने जामा मस्जिद की पुताई और सफाई की अनुमति के लिए दायर की गई याचिका पर आदेश पारित किया था। अदालत ने कहा कि मस्जिद की मरम्मत का निर्णय पुरातत्व विभाग के विवेक पर निर्भर करेगा, जैसा कि समझौते की शर्तों में निर्धारित किया गया है।
ASI की रिपोर्ट पर मस्जिद प्रबंधन समिति का पक्ष
वहीं आज शुक्रवार को सुनवाई के दौरान ASI ने एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि मस्जिद की पेंटिंग सेरामिक पेंट से की गई थी और फिलहाल पुताई की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद, मस्जिद प्रबंधन समिति के वरिष्ठ अधिवक्ता एस एफ ए नकवी ने अदालत में यह कहा कि वे केवल मस्जिद की सफाई और पुताई कराना चाहते हैं। इस पर अदालत ने एएसआई को मस्जिद परिसर में धूल और घास की सफाई करने का निर्देश दिया।
हलफनामा और कानून व्यवस्था की सुरक्षा
एस एफ ए नकवी ने अदालत में एक हलफनामा प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सफाई के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होगी। इसके अलावा, राज्य के महाधिवक्ता ने अदालत को आश्वस्त किया कि इस प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएंगे। इस आदेश के बाद अब जामा मस्जिद परिसर की सफाई का कार्य जल्द ही शुरू होगा, लेकिन पुताई के मुद्दे पर अदालत ने फिलहाल कोई कदम नहीं उठाया है।