Amarnath Yatra 2025 : इस साल अमरनाथ यात्रा की अवधि को घटाकर 38 दिन कर दिया गया है। बता दें कि यात्रा 3 जुलाई 2025 से शुरू होकर 11 अगस्त को समाप्त होगी। जबकि पिछले साल यह यात्रा 52 दिनों तक चली थी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रा की अवधि में कटौती का फैसला पहलगाम आतंकी हमले से पहले ही लिया गया था और इसका सुरक्षा कारणों से कोई संबंध नहीं है। यह निर्णय मौसमीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया।
सुरक्षा के लिए बना मजबूत प्लान
पवित्र अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए इस बार एक विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की गई है। सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के समन्वय से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
581 कंपनियां अर्धसैनिक बलों की तैनात रहेंगी
– सुरक्षा रूट की डिजिटल मैपिंग और सिक्योरिटी ऑडिट किया गया है।
– हर यात्री और पोनी राइडर के लिए डिजिटल पहचान पत्र (ID) अनिवार्य होगा।
– जैमर और सैटेलाइट फोन काफिले में शामिल रहेंगे।
– यात्रियों और वाहनों में RFID ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
– पीसीआर वैन की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

गृह मंत्री ने की सुरक्षा समीक्षा
30 मई 2025 को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, डीजीपी नलिन प्रभात, गृह मंत्रालय, सुरक्षा एजेंसियों, खुफिया विभागों, और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
गृह मंत्री ने यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा देने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “अमरनाथ तीर्थयात्रा के लिए समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। अत्यंत सतर्कता बनाए रखने और पवित्र यात्रा को निर्बाध रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए।”
मौसम पर आधारित है यात्रा की योजना
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अमरनाथ यात्रा की तारीखें और अवधि पूरी तरह मौसम आधारित होती हैं। यह निर्णय भौगोलिक परिस्थितियों, बर्फबारी और मार्ग की स्थिति को देखते हुए लिया जाता है।