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Mahakumbh 2025 : 35 साल की पुरानी कार से महाकुंभ पहुंचे Baba… Ambassador कार को लेकर कही ये बात

Ambassador car Baba Mahakumbh ; नेशनल डेस्क :  महाकुंभ, जो कि एक धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन है, सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बन चुका है। इस बड़े मेले में बड़ी संख्या में बाबा और नागा बाबा अपनी पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों के लिए पहुंचे हैं। हर बाबा का अपना एक अलग कार्य और उद्देश्य होता है, जो उन्हें इस महाकुंभ में विशिष्ट बनाता है। इसी बीच एक बाबा इन दिनों खास चर्चा में हैं, जिन्हें लोग “एंबेसडर वाले नागा बाबा” के नाम से पहचान रहे हैं। इस बाबा के पास एक नारंगी रंग की एंबेसडर कार है, जो महाकुंभ में उनकी पहचान बन चुकी है। यह कार और बाबा की अनोखी पहचान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। आइए जानते है इस बाबा के बारे में विस्तार से…

बाबा का नाम और कार की विशेषता

दरअसल, यह बाबा जो महाकुंभ में पहुंचे हैं, उनका नाम राजगिरि है और वे मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से हैं। बाबा के पास एक 1973 मॉडल की एंबेसडर कार है, जो पूरी तरह से चालू हालत में है। इस कार की वजह से वे सोशल मीडिया पर सुर्खियों में हैं। बाबा का कहना है कि वे इस कार के साथ हर जगह यात्रा करते हैं और यह उनके साधना के हिस्से के रूप में उनके साथ रहती है।

कार में किए गए विशेष बदलाव

आपको बता दें कि बाबा ने अपनी इस एंबेसडर कार में कुछ खास बदलाव किए हैं, ताकि वह इसे हर मौसम में आराम से चला सकें। उन्होंने बताया कि गर्मियों में कार में एक एक्सॉस्ट फैन लगा है, जिससे बैटरी और बर्फ की सिल्ली से ठंडी हवा मिलती है। इसके अलावा, बाबा को अपनी कार का बहुत अच्छा ज्ञान है, और यदि गाड़ी में कोई समस्या आती है तो वे खुद ही उसे ठीक कर सकते हैं।

साधना की शुरुआत और तपस्या

वहीं बाबा ने अपनी साधना की शुरुआत के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि उन्होंने सात साल की उम्र में दीक्षा ली थी और पंद्रह साल की उम्र में तपस्या शुरू की थी। वे हमेशा अपने गुरु के मार्गदर्शन में तप करते हैं और सर्दी-गर्मी में बिना कपड़ों के ही तपस्या करते हैं।

बाबा का गुस्सा और महाकुंभ का महत्व

जब बाबा से पूछा गया कि उन्हें जल्दी गुस्सा क्यों आता है, तो उन्होंने कहा कि कुछ लोग अजीब सवाल पूछते हैं, जिससे उन्हें गुस्सा आ जाता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति तपस्या के बारे में उनसे पूछे, तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। बाबा ने महाकुंभ के महत्व के बारे में भी बताया और कहा कि महाकुंभ के बाद वह जंगलों और गुफाओं में जाकर और भी गहरे ध्यान की साधना करेंगे।

महाकुंभ में बाबा की उपस्थिति

महाकुंभ में बाबा की उपस्थिति न केवल उनकी साधना के कारण, बल्कि उनकी अनोखी एंबेसडर कार के कारण भी चर्चा का विषय बन गई है। यह कार और बाबा की तपस्या लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बाबा ने बताया कि महाकुंभ के बाद वह जंगलों और गुफाओं में जाकर अपनी साधना करेंगे। महाकुंभ में इस एंबेसडर कार वाले नागा बाबा की उपस्थिति एक अनोखी घटना है, जो न केवल उनके साधना के प्रति समर्पण को दर्शाती है, बल्कि उनकी जीवन शैली और साधना की गहराई को भी दिखाती है। इस बाबा की पहचान और उनकी कार ने उन्हें महाकुंभ में एक अलग ही स्थान दिलाया है।

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