इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और पाकिस्तान के नेताओं को गंभीर चेतावनियां दी हैं। बता दे कि कुछ दिन पहले ही में पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, मरियम नवाज, आईएसआई चीफ और विदेश सचिव अचानक सऊदी अरब के दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने अमेरिका और सऊदी अरब के अधिकारियों से मुलाकात की। इस मुलाकात में अमेरिका ने पाकिस्तान के सामने पांच महत्वपूर्ण शर्तें रखी हैं, जिनमें भारत, चीन, इजरायल, ईरान और आतंकवाद से जुड़े अहम मुद्दे शामिल हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
अमेरिका की 5 प्रमुख शर्तें, इस प्रकार से है…
- भारत के साथ संबंध सामान्य करें
अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि वह कश्मीर में चल रहे आतंकवाद को तुरंत रोकें और भारत के साथ अपने रिश्तों को सामान्य करें। इसके साथ ही पाकिस्तान से यह भी कहा गया है कि वह कश्मीर का मुद्दा सुलझाए और भारत का आधिपत्य स्वीकार करे। - चीन के साथ करीबी से बचें
पाकिस्तान की चीन के साथ बढ़ती करीबी पर भी अमेरिका ने चिंता व्यक्त की है। पाकिस्तान से कहा गया है कि वह चीन के साथ अपनी रिश्तों को ज्यादा न बढ़ाए। बलूचिस्तान में सीपेक परियोजना पर काम कर रहे चीनी इंजीनियरों पर हुए हमले के बाद चीन ने पाकिस्तान को फटकार लगाई थी और अपनी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान में अपनी सिक्योरिटी फोर्स भी तैनात की थी। - इजरायल को मान्यता दें
पाकिस्तान से यह भी कहा गया है कि उसे इजरायल को मान्यता देनी चाहिए और अगर गाजा में शांति सेना तैनात होती है तो पाकिस्तान भी वहां अपनी सेना भेजे। पाकिस्तान की सेना पहले सऊदी अरब के साथ मिलकर यमन में हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान में शामिल हो चुकी है। - ईरान में बदलाव का समर्थन करें
अमेरिका और सऊदी अरब ने पाकिस्तान से यह भी कहा है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए कोई अभियान चलता है, तो पाकिस्तान को न्यूट्रल नहीं रहना चाहिए और सऊदी अरब और अमेरिका के साथ इसका समर्थन करना होगा। - आतंकवाद विरोधी अभियानों में मदद करें
पाकिस्तान से आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग देने की भी मांग की गई है। यह शर्त पाकिस्तान को आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए दबाव डालने के उद्देश्य से रखी गई है।
जनरल असीम मुनीर के खिलाफ कार्रवाई की धमकी
अमेरिका ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर वह इन पांच शर्तों को नहीं मानता, तो जनरल असीम मुनीर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में अमेरिकी कांग्रेस में एक प्रस्ताव भी पेश किया गया है, जिसमें पाकिस्तान की सरकार और जनरल असीम मुनीर के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। यह प्रस्ताव विशेष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के चलते लाया गया है।
अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा पाकिस्तान को रखी गई इन शर्तों से पाकिस्तान के लिए आगे की राह और भी कठिन हो सकती है। अगर पाकिस्तान इन शर्तों को नहीं मानता, तो उसे वैश्विक स्तर पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यह घटनाक्रम पाकिस्तान के लिए एक बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव हो सकता है, खासकर जब अमेरिका और सऊदी अरब जैसे बड़े देशों की मांगें इतनी सख्त हो।

