नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान ने एलओसी पर भारी गोलीबारी और घुसपैठ की कोशिश की, जिसके जवाब में भारत ने संयम के साथ सटीक कार्रवाई की है। विदेश मंत्रालय की ओर से आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने जानकारी दी कि तंगधार, उरी और उधमपुर जैसे सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान की ओर से 36 स्थानों को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। पाकिस्तान ने करीब 300 से 400 ड्रोन्स से हमला किया था। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस हमले में तुर्की में निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल हुआ है। भारतीय वायुसेना ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए एक ड्रोन काउंटर अटैक में पाकिस्तान की सर्विलांस रडार प्रणाली को पूरी तरह से तबाह कर दिया।
#WATCH | Delhi: Colonel Sofiya Qureshi says, “On the night of May 7 and 8, the Pakistani army violated Indian airspace several times over the entire western border with the intention of targeting military infrastructure. Not only this, the Pakistani army also fired heavy caliber… pic.twitter.com/H5mkCdPqgW
— ANI (@ANI) May 9, 2025
कर्नल कुरैशी ने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने अत्यधिक संयम बरतते हुए आम नागरिकों को कोई नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने के बजाय नागरिक विमानों की आड़ में सैन्य हमले किए, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के विपरीत है।
ब्रीफिंग के दौरान यह बताया गया कि हमले के समय कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में यात्री विमान उड़ान भर रहे थे, जिससे कई निर्दोष जानें खतरे में पड़ गई थीं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को ‘उकसावे वाली सैन्य रणनीति‘ करार देते हुए कहा कि तंगधार, उरी, पुंछ, राजाैरी, अखनूर और उधमपुर में की गई गोलाबारी में भारतीय सुरक्षाबलों को कुछ नुकसान पहुंचा, लेकिन भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी सैन्य क्षति उठानी पड़ी है।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान द्वारा ड्रोन हमले की असफल कोशिशों के बावजूद अपने हवाई क्षेत्र को खुला रखना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है। उन्होंने पाकिस्तान पर नागरिक विमानों को सैन्य ढाल की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हमले का मकसद भारतीय रक्षा प्रणाली के बारे में जानकारी इकट्ठा करना था, जिसे नाकाम कर दिया गया।

