नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को शुक्रवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। 22 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि, 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करके मुख्यधारा में लौटने की बात कही। पुलिस ने जानकारी दी कि 33 नक्सलियों में से लगभग 17 नक्सलियों पर 49 लाख रुपए का इनाम था। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 33 नक्सलियों के सुरक्षा बलों के सामने हथियार डालने पर प्रतिक्रिया दी।
हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों: अमित शाह
उन्होंने कहा कि बीजापुर में विभिन्न ऑपरेशन्स में कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 22 कुख्यात नक्सलियों को आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों के साथ गिरफ्तार किया। वहीं, सुकमा की बडेसेट्टी पंचायत में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे यह पंचायत पूरी तरह नक्सलमुक्त हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से अपील की कि मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने एक बार फिर 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की बात कही।
साथ ही, सुकमा (छत्तीसगढ़) में अन्य 22 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया, जिससे सरेंडर करने वालों की कुल संख्या बढ़कर 33 हो गई है।
नक्सलमुक्त भारत अभियान की दिशा में इस सफलता के लिए मैं सुरक्षा बल के जवानों और छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई देता हूँ। https://t.co/x5PyYxSEF0
— Amit Shah (@AmitShah) April 18, 2025
यह पंचायत पूरी तरह नक्सलमुक्त हुई
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ’छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में विभिन्न ऑपरेशन्स में कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 22 कुख्यात नक्सलियों को आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों के साथ गिरफ्तार किया है। साथ ही, सुकमा की बडेसेट्टी पंचायत में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे यह पंचायत पूरी तरह नक्सलमुक्त हो गई है।’ अमित शाह ने कहा कि छिपे हुए नक्सलियों से मेरी अपील है कि मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों। 31 मार्च 2026 से पहले हम देश को नक्सलवाद के दंश से मुक्त करने के लिए संकल्पित हैं।
क्या बोले छत्तीसगढ़ के सीएम?
इससे पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ’यह संतोष की बात है कि माओवादी अब समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाह रहे हैं। आत्मसमर्पति नक्सलियों के पुनर्वास आदि के लिए नियमानुसार हरसंभव प्रय किए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प अनुसार मार्च 2026 तक देश-प्रदेश से लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है।’

