Ahmedabad : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि लंदन जाने वाले एयर इंडिया विमान दुर्घटना में किसी के बचने की कोई संभावना नहीं थी क्योंकि विमान में लगभग 1.25 लाख लीटर ईंधन जलने के कारण उच्च तापमान था।
मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शाह ने कहा कि मृतकों की सही संख्या डीएनए जांच के बाद ही आधिकारिक तौर पर बताई जाएगी। शाह ने बताया कि करीब 1000 डीएनए जांच की जानी है।
Inspected the site of the fatal plane crash in Ahmedabad. The whole nation is mourning the unfortunate incident. Our thoughts and prayers are with the families who have lost their loved ones. pic.twitter.com/V2wkWz3ljh
— Amit Shah (@AmitShah) June 12, 2025
गृह मंत्री ने मीडिया को बताया, “विमान में लगभग 125,000 लीटर ईंधन था और उच्च तापमान के कारण किसी को बचाने की कोई संभावना नहीं थी… मैंने दुर्घटना स्थल का दौरा किया।”
गृह मंत्री ने कहा, “आज दोपहर एयर इंडिया का विमान एआई-171 दुर्घटनाग्रस्त हो गया… पूरा देश शोक में है और पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है… सबसे पहले मैं केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री और गुजरात सरकार की ओर से घटना के पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करता हूं।”
उन्होंने कहा, “घटना के मात्र 10 मिनट के अंदर ही हमें सूचना मिल गई। इसके बाद मैंने प्रधानमंत्री, गुजरात के गृह मंत्री, गृह विभाग के नियंत्रण कक्ष, नागरिक उड्डयन विभाग और नागरिक उड्डयन मंत्री को इसकी जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने तुरंत फोन किया और केंद्र तथा राज्य सरकार के कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्य में संयुक्त रूप से जुट गए।”
230 यात्रियों और 12 चालक दल के सदस्यों को लेकर लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान AI171 अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस त्रासदी के बीच शाह ने आशा की एक किरण साझा करते हुए एक यात्री के बचने का जिक्र किया, जिनसे वे व्यक्तिगत रूप से अस्पताल में मिले थे।
शाह ने कहा, “विमान में भारत और विदेश से 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे। इससे हमें एक यात्री के जीवित बचे होने की अच्छी खबर मिली। मैं उससे मिला था… यात्रियों की डीएनए जांच और पहचान के बाद ही अधिकारी कुल मौतों की पुष्टि कर सकते हैं।”
शाह ने दुर्घटना के बाद गुजरात सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल का पालन किए जाने पर प्रकाश डाला तथा पुष्टि की कि शवों को निकालने का काम लगभग पूरा हो चुका है।
शाह ने यह भी आश्वासन दिया कि पहचान प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ितों के अवशेष उनके परिवारों को सौंप दिए जाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “दुर्घटना के बाद गुजरात सरकार ने कई तरीकों से आपदा प्रबंधन के सभी प्रोटोकॉल बनाए रखे… विमान में लगभग 125,000 लीटर ईंधन था और उच्च तापमान के कारण किसी को भी बचाने की कोई संभावना नहीं थी… मैंने दुर्घटना स्थल का दौरा किया। शवों को निकालने का काम लगभग पूरा हो चुका है… यात्रियों के परिवार के सदस्यों के डीएनए नमूने एकत्र किए जा रहे हैं… विदेशों से पीड़ितों के परिवार के सदस्यों को भी सूचित किया गया है और उनके आने के बाद उनका डीएनए एकत्र किया जाएगा। निकाले गए शवों का डीएनए संग्रह पूरा हो चुका है… लगभग 1000 डीएनए परीक्षण किए जाएंगे; हमारे पास इसके लिए बुनियादी ढांचा है… डीएनए परीक्षण के बाद शवों को परिवारों को सौंप दिया जाएगा।”

