नेशनल डेस्क: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी अचल जिंदल के साथ मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह घटना सोमवार को सामने आई थी, जिसमें राज्य सरकार के एक मंत्री पर गंभीर आरोप लगे हैं। अब इस घटना की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने निंदा की है और उन्होंने कहा कि ऐसे हमले बिल्कुल भी बर्दास्त नहीं करेंगे।
नितिन गडकरी ने क्या कहा?
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “एक अधिकारी पर हमला न सिर्फ उसकी सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि ये सरकारी संस्थाओं की गरिमा के खिलाफ है।” उन्होंने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस मामले में तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की। गडकरी ने यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखी। वहीं, NHAI के चेयरमैन ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को इस घटना को लेकर पत्र लिखा है। सेंट्रल इंजीनियरिंग सर्विस ऑफिसर एसोसिएशन ने भी नितिन गडकरी को पत्र लिखकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने इस मामले में नितिन गडकरी से बातचीत की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
अनुराग ठाकुर ने भी सरकार पर निशाना साधा
अनुराग ठाकुर ने कहा कि “देवभूमि में एक मंत्री का नाम एफआईआर में आना शर्मनाक है। एक अधिकारी को कमरे में बंद करके मारना कहां तक जायज है?” उन्होंने राज्य सरकार पर सवाल उठाया कि “आखिर सरकार है भी या नहीं? और अगर है तो मंत्री किस काम में लगे हुए हैं?”
NHAI अधिकारियों के साथ मारपीट शर्मनाक: जयराम ठाकुर
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मंत्री की ओर से पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में एनएचएआई अधिकारियों के साथ मारपीट शर्मनाक है। पुलिस और प्रशासन ने न ही उन्हें बचाया और न ही अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित अधिकारी की शिकायत के अनुसार मंत्री खुद इस मामले में शामिल थे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस मामले में संज्ञान लें और कार्रवाई करें।‘
क्या हुआ था मामला
शिमला में NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर अचल जिंदल के साथ मारपीट की गई। यह आरोप हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह और उनके साथियों पर लगे हैं। घटना शिमला ग्रामीण के SDM के सामने हुई, जिसकी शिकायत ढली थाने में दर्ज करवाई गई। BNS (भारतीय न्याय संहिता) की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई है, धारा 132, 121(1), 352, 126(2), और 3(5)। बता दें कि, यह घटना अब सिर्फ एक मारपीट का मामला नहीं रह गई, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का मुद्दा बन चुकी है। जनता और अधिकारी वर्ग दोनों इस पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

