Last Updated: October 17, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘किसी भी दुस्साहस का गंभीर अंजाम होगा’, भारत की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी; सिंधु जल विवाद को नकारा

August 14, 2025

‘किसी भी दुस्साहस का गंभीर अंजाम होगा’, भारत की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी; सिंधु जल विवाद को नकारा

नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पाकिस्तान, अमेरिका, रूस, इजरायल-फिलिस्तीन, और चीन से जुड़े मसलों पर भारत की स्थिति स्पष्ट की।

पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी

प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी नेताओं की भारत विरोधी, भड़काऊ और नफरत फैलाने वाली टिप्पणियों पर भारत ने ध्यान दिया है। ये बयान उनकी आंतरिक नाकामियों को छुपाने की कोशिश हैं। भारत ने साफ कहा है कि पाकिस्तान को ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए क्योंकि किसी भी दुस्साहस का अंजाम गंभीर हो सकता है।

 

सिंधु जल संधि और मध्यस्थता कोर्ट पर भारत का रुख

भारत ने कथित “मध्यस्थता न्यायालय” के फैसले को अवैध और अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया। भारत ने कभी भी इस कोर्ट की वैधता नहीं मानी है। यह फैसला भारत के जल अधिकारों को प्रभावित नहीं करता। भारत ने 27 जून 2025 को यह भी कहा था कि संधि स्थगित है, क्योंकि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जैसे कि पहलगाम हमला।

 

भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी

भारत-अमेरिका की रक्षा साझेदारी काफी मजबूत हुई है। अगस्त के मध्य में अमेरिका का रक्षा नीति दल भारत आएगा। इसी महीने अमेरिका के अलास्का में दोनों देशों का ‘युद्ध अभ्यास’ संयुक्त सैन्य अभ्यास होने वाला है। साथ ही, 2+2 अंतर-सत्रीय बैठक भी इसी महीने के अंत में होने की संभावना है।

भारत-अमेरिका वैश्विक रणनीतिक साझेदारी

भारत और अमेरिका की साझेदारी, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और हितों पर आधारित है। इसने कई वैश्विक चुनौतियों का सामना किया है और अब भी मजबूती से आगे बढ़ रही है। भारत उम्मीद करता है कि यह रिश्ता आपसी सम्मान और साझा हितों पर आगे बढ़ेगा।

इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर भारत का रुख

भारत ने कहा कि उसकी स्थिति पहले जैसी ही है, युद्धविराम की मांग करता है। सभी बंधकों की बिना शर्त रिहाई चाहता है। गाजा में लोगों को मानवीय सहायता मिलती रहनी चाहिए। भारत दो-राज्य समाधान का समर्थन करता है।

 

विदेश मंत्री जयशंकर की रूस यात्रा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर जल्द ही रूस जाएंगे। वह भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक इस महीने के अंत में मास्को में होगी, जिसमें व्यापार, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा होगी। क्या PM मोदी UN महासभा में जाएंगे? इस पर विदेश प्रवक्ता ने कहा कि इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

भारत-चीन सीमा व्यापार पर स्थिति

भारत ने कहा कि वह सीमा व्यापार फिर से शुरू करने के लिए चीन से बातचीत कर रहा है। इसके लिए तीन व्यापार बिंदु हैं, जिनमें लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) दूसरा शिपकी ला दर्रा (हिमाचल प्रदेश) और तीसरा नाथू ला दर्रा (सिक्किम) है। जैसे ही कोई नया अपडेट होगा, सरकार जानकारी देगी।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें