नेशनल डेस्क: भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने रविवार को एक वीडियो जारी कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी दी, जिसमें यह बताया गया कि कैसे सेना ने पाकिस्तान को उसकी नापाक हरकतों का करारा जवाब दिया। यह ऑपरेशन कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।
सेना का वीडियो: “न्याय हुआ”
सेना ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसका कैप्शन था- “योजना बनाई, प्रशिक्षण दिया और अंजाम दिया… न्याय हुआ” वीडियो में भारतीय जवानों को पूरी तैयारी और हथियारों से लैस दिखाया गया है। एक जवान ने कहा, “यह सब पहलगाम हमले से शुरू हुआ। हमारे भीतर गुस्सा ज्वालामुखी की तरह था। दिमाग में एक ही बात थी – अबकी बार ऐसा सबक सिखाएंगे कि उनकी पीढ़ियां याद रखेंगी।”
Planned, trained & executed.
Justice served.@adgpi@prodefencechan1 pic.twitter.com/Hx42p0nnon
— Western Command – Indian Army (@westerncomd_IA) May 18, 2025
9 मई की रात को हुआ जवाबी हमला
वीडियो में दिखाया गया कि 9 मई की रात करीब 9 बजे, भारतीय सेना ने उन पाकिस्तानी पोस्टों पर हमला किया, जिन्होंने युद्धविराम का उल्लंघन किया था। वीडियो में “जिस भी दुश्मन पोस्ट ने सीज़फायर तोड़ा, उसे मिट्टी में मिला दिया गया। दुश्मन भाग खड़ा हुआ।” वीडियो में साफ कहा गया कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश था, जो उसने दशकों तक नहीं सीखा।
ऑपरेशन सिंदूर कब और क्यों?
7 मई से शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर, जो पाकिस्तान और POK (पाक अधिकृत कश्मीर) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए चलाया गया। यह कदम कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद उठाया गया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

डीजीएमओ वार्ता पर सेना का बयान
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम 18 मई को खत्म होने वाला है, लेकिन भारतीय सेना ने इसे गलत बताया। सेना ने कहा, डीजीएमओ (Director General of Military Operations) स्तर पर कोई वार्ता तय नहीं है। 12 मई को हुई पिछली बातचीत में तय हुआ था कि सीज़फायर जारी रहेगा और इसकी कोई समाप्ति तिथि नहीं है।
डीजीएमओ बातचीत में क्या हुआ?
12 मई को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने गोलीबारी बंद रखने और सैनिकों की संख्या सीमाओं पर कम करने पर सहमति जताई। 11 मई को पाकिस्तान की ओर से भारत को फोन कॉल कर यह प्रस्ताव दिया गया कि “हम शत्रुता समाप्त करें”।