नई दिल्ली: एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुनीर की परमाणु धमकी की तुलना “सड़कछाप आदमी” की बातों से की और इस पर निराशा जताते हुए कहा कि यह बयान अमेरिका से दिया गया, जो भारत का रणनीतिक साझीदार है।
ओवैसी का बयान
ओवैसी ने कहा, “पाकिस्तानी सेना प्रमुख के शब्द और उनकी धमकियाँ निंदनीय हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ये शब्द अमेरिका से आए, जो भारत का रणनीतिक साझीदार है। वह एक ‘सड़कछाप आदमी’ की तरह बोल रहे हैं।” उन्होंने यह भी आग्रह किया कि मोदी सरकार को पाकिस्तान की ओर से इस तरह की धमकियों पर एक राजनीतिक प्रतिक्रिया देनी चाहिए, जैसे विदेश मंत्रालय ने किया था।
रक्षा बजट बढ़ाने की बात
ओवैसी ने पाकिस्तान से लगातार उत्पन्न हो रहे खतरे को ध्यान में रखते हुए भारत के रक्षा बजट को बढ़ाने की वकालत की। उन्होंने कहा, “हमें यह समझना होगा कि पाकिस्तान की सेना और उसके गुप्त गुटों से हमेशा खतरा बना रहेगा। इसलिए हमें अपनी सुरक्षा के लिए अधिक निवेश करने की आवश्यकता है।”
असीम मुनीर की परमाणु धमकी
यह बयान ओवैसी ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की उस धमकी के बाद दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर भारत सिंधु नदी पर बांध निर्माण जारी रखता है, तो पाकिस्तान “हर कीमत पर” अपने जल अधिकारों की रक्षा करेगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि यदि भारत की ओर से अस्तित्व के लिए खतरा पैदा हुआ, तो पाकिस्तान परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने में संकोच नहीं करेगा।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने मुनीर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “हमारा ध्यान पाकिस्तानी सेना प्रमुख द्वारा अमेरिका यात्रा के दौरान की गई टिप्पणियों की ओर आकर्षित हुआ है। परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना पाकिस्तान का पुराना दस्तूर बन चुका है।” विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को ऐसे बयानों में निहित गैरजिम्मेदारी के बारे में अपनी राय बनानी चाहिए, क्योंकि पाकिस्तान की परमाणु कमान और नियंत्रण की अखंडता पर शंका जताई जा रही है, विशेष रूप से उस देश में जहां सेना आतंकवादी समूहों के साथ मिली हुई है।
कश्मीर और सिंधु नदी पर बयान
मुनीर ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान कश्मीर को पाकिस्तान की “गले की नस” बताया और भारत के खिलाफ अपनी बयानबाजी दोहराई। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी पर बांध बनाए जाने की स्थिति में पाकिस्तान उसे नष्ट करने के लिए मजबूर होगा।

