Last Updated: October 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘जलवायु सम्मेलन में शामिल होना ISI एजेंट होना नहीं’, सोनम वांगचुक की पत्नी ने PAK आरोपों को खारिज किया

September 30, 2025

‘जलवायु सम्मेलन में शामिल होना ISI एजेंट होना नहीं’, सोनम वांगचुक की पत्नी ने PAK आरोपों को खारिज किया

लेह (लद्दाख): जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने लद्दाख पुलिस के आरोपों का साफ जवाब दिया है, जिसमें कहा गया था कि सोनम वांगचुक पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि जलवायु सम्मेलन में शामिल होना ISI एजेंट होना नहीं है। गीतांजलि अंगमो ने पाकिस्तान से जुड़ने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

आरोप पूरी तरह गलत और झूठा

गीतांजलि ने बताया कि उन्होंने और सोनम वांगचुक ने संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तानी मीडिया संस्थान डॉन के साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन पर एक सम्मेलन में भाग लिया था। उनका कहना है कि यह आरोप पूरी तरह गलत और झूठा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक समस्या पर चर्चा करने वाले सम्मेलन में जाता है, तो क्या वह ISI एजेंट हो जाएगा?

सरकार पर खड़े किए सवाल 

गीतांजलि ने कहा, “जब सरकार चीन से टैबलेट खरीद रही थी, तो सोनम वांगचुक चीन से गोलियां लेने की बात नहीं कर रहे थे, बल्कि अपने देश के लिए काम कर रहे थे। ऐसे व्यक्ति को राष्ट्र-विरोधी कैसे कहा जा सकता है?” उन्होंने सरकार पर भी सवाल उठाए कि जिस व्यक्ति को सेना और पर्यावरण के लिए काम करने के लिए पुरस्कृत किया गया, क्या वह राष्ट्र-विरोधी हो सकता है?

डीजीपी लद्दाख को दिया ये जवाब 

गीतांजलि ने डीजीपी लद्दाख के उस बयान का भी जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि पुलिस ने एक पाकिस्तानी नागरिक (पीआईओ) को गिरफ्तार किया है जो सोनम वांगचुक के संपर्क में था। उन्होंने पूछा कि अगर किसी ने बांग्लादेश और पाकिस्तान के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, तो क्या इसका मतलब यह है कि वह देश के खिलाफ है? उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की वकालत कर रहे थे, जो क्षेत्र के विकास और लोकतंत्र के लिए जरूरी है।

उन्हें और उनके परिवार को नजरबंद रखा गया

गीतांजलि ने पुलिस की कार्यवाही पर भी चिंता जताई, कहा कि उन्हें और उनके परिवार को नजरबंद रखा गया है, और पुलिस द्वारा बिना कारण कर्मचारियों और छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि 24 सितंबर की हिंसा के बाद इलाके में कर्फ्यू लगाया गया था, जिससे लोगों की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। गीतांजलि का कहना है कि ये सभी प्रयास उस आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश हैं, जिसे लद्दाख के लोग पूरी ताकत से समर्थन करते हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें