इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान में बलूचिस्तान के विद्रोहियों और पाकिस्तानी सेना के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना को एक और बड़ा झटका दिया है। रविवार रात को, BLA के स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशन स्क्वॉड (STOS) ने क्वेटा शहर में एक ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सेना के प्रमुख एजेंट बाबुल मुहम्मद हसनी को मार गिराया।
खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन
यह ऑपरेशन BLA की खुफिया शाखा “ZIRAB” द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित था। BLA के विद्रोहियों ने क्वेटा के बरूरी रोड पर स्थित एक स्टॉप एरिया में बाबुल हसनी की गाड़ी को चुंबकीय आईईडी (IMPROVISED EXPLOSIVE DEVICE) से निशाना बनाया। धमाके में बाबुल हसनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद मुहम्मद अमीन गंभीर रूप से घायल हो गए। आईईडी हमले के बाद हसनी की गाड़ी पूरी तरह से नष्ट हो गई।
पाक सेना और ISI का चीफ एजेंट था हसनी
बाबुल मुहम्मद हसनी पाकिस्तान सेना और उसकी खुफिया एजेंसी ISI का एक प्रमुख एजेंट था। हसनी का सीधा संबंध जिहादी स्क्वॉड के एजेंट जकारिया मुहम्मद हसनी से था। हसनी का गिरोह बलूचिस्तान के कलात इलाके में सक्रिय था, और उसने कई इलाकों में सशस्त्र गश्त और चौकियों की स्थापना की थी। इसके अलावा, हसनी ने एक यातना कक्ष भी बना रखा था जहां बलूच युवाओं को जबरन गायब किया जाता था और उन्हें यातनाएं दी जाती थीं। इन गतिविधियों के चलते, हसनी और उसका गिरोह पाकिस्तानी सेना के लिए महत्वपूर्ण बने हुए थे।
बीएलए की चेतावनी
बलूच लिबरेशन आर्मी ने इस हमले के बाद एक चेतावनी भी जारी की है। बीएलए ने कहा है कि जिन लोगों ने पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर बलूचों के खिलाफ काम किया है, वे आत्मसमर्पण करें, नहीं तो उनका हश्र भी बाबुल हसनी जैसा होगा। बताते चलें कि, यह ऑपरेशन BLA की बढ़ती ताकत और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उनकी संघर्ष की सशक्त मिसाल है। बाबुल हसनी की मौत से पाकिस्तानी सेना और ISI को एक बड़ा झटका लगा है, और यह घटना बलूच विद्रोहियों की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकती है।
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