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‘नेशनल हेराल्ड की लूट’ वाले बैग के साथ JPC बैठक में पहुंचीं बांसुरी स्वराज, प्रियंका गांधी के ‘फिलिस्तीन बैग’ से तुलना

Bansuri Swaraj JPC meeting bag 'National Herald loot'

Bansuri Swaraj JPC meeting bag 'National Herald loot'

नेशनल डेस्क: राजनीति में कभी-कभी सीधे बोलने से ज्यादा असरदार होते हैं इशारे। ऐसा ही एक मामला तब देखने को मिला जब बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर हो रही जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की बैठक में शामिल होने पहुंचीं।

बांसुरी स्वराज अपने साथ एक खास बैग लेकर आईं, जिस पर लिखा था- “नेशनल हेराल्ड की लूट”। अब उनका यह बैग चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के उस बैग का जवाब मान रहे हैं, जिस पर पिछले साल “फिलिस्तीन” लिखा था। बैठक में बांसुरी स्वराज ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड केस में जनता की संपत्ति को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।

 

कांग्रेस का जमकर घेरा 
उन्होंने कहा, “ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की चार्जशीट में साफ दिखता है कि कांग्रेस ने यंग इंडिया नाम की कंपनी के जरिए 2000 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति सिर्फ 50 लाख रुपये में हथिया ली। यह कंपनी गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी वाली है। यह सीधा लूट का मामला है।” बांसुरी ने आगे कहा, “इस देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन कांग्रेस ने इसे भी नहीं छोड़ा। यह केवल राजनीतिक फंडिंग का दुरुपयोग नहीं, बल्कि जनता के साथ धोखा है।” बांसुरी स्वराज के इस कदम को राजनीतिक बयानबाज़ी का एक नया तरीका माना जा रहा है, जिसे उन्होंने बिना ज्यादा बोले एक संदेश के रूप में पेश किया।

प्रियंका गांधी के ‘फिलिस्तीन बैग’ की याद
बांसुरी के इस बैग को प्रियंका गांधी के पिछले साल संसद में लाए बैग से जोड़ा जा रहा है। प्रियंका उस समय एक ‘फिलिस्तीन’ लिखा हुआ बैग लेकर आई थीं, जिसमें तरबूज और दूसरे फिलिस्तीनी प्रतीक बने थे। इसे फिलिस्तीन के समर्थन का प्रतीक माना गया था।

इसके अलावा प्रियंका गांधी ने एक और बैग लेकर संसद में एंट्री की थी, जिस पर लिखा था- “बांग्लादेश के हिंदू और ईसाइयों के साथ खड़े हों”। इन दोनों नेताओं के बैग ने अलग-अलग मुद्दों पर राजनीतिक संदेश देने का काम किया है। सोशल मीडिया पर लोग अब इन दोनों को एक-दूसरे का जवाब मान रहे हैं।

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