यूपी डेस्क। उत्तर प्रदेश के राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जहां, सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के बीच पिछले कुछ सालों से रिश्ते सही नहीं थे। लेकिन सोमवार को अचानक बृजभूषण सिंह मुख्यमंत्री आवास (5, कालीदास मार्ग, लखनऊ) पहुंचे और करीब आधे घंटे तक सीएम योगी आदित्यनाथ से बातचीत की। जिसके बाद से राजनीति गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बृजभूषण शरण सिंह बीते समय में सरकार की कई नीतियों पर सवाल उठा चुके हैं। उनके बयान अक्सर बीजेपी नेतृत्व से अलग रुख दिखाते थे। इसलिए इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
क्या मकसद था इस मुलाकात का?
सूत्रों की मानें तो बृजभूषण सिंह और योगी आदित्यनाथ के बीच पिछले कुछ समय से कोई संवाद नहीं हो रहा था। ऐसे में यह मुलाकात रिश्तों में आई दूरियों को खत्म करने की कोशिश मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि बृजभूषण खुद सीएम से मिलने गए और करीब तीन साल बाद मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। इससे यह संकेत मिलता है कि वे फिर से मुख्यमंत्री से संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्वांचल की राजनीति में क्या होंगे असर?
यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बृजभूषण शरण सिंह का पूर्वांचल की राजनीति में खासा प्रभाव रहा है। ऐसे में यह मुलाकात आने वाले चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
पूर्वांचल के इन जिलों में बृजभूषण शरण सिंह का राजनीतिक प्रभाव
आपको बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह का पूर्वांचल के कैसरगंज, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती जैसे क्षेत्रों में काफी प्रभाव है और यही वजह के उन्हें पूर्वांचल के बड़े नेताओं में गिना जाता है।
जानें कौन हैं बृजभूषण शरण सिंह?
-कैसरगंज से बीजेपी के पूर्व सांसद
-भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष
-राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका
-हाल ही में महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण विवादों में रहे
-2024 लोकसभा चुनाव में उनका टिकट काटा गया, लेकिन उनके बेटे करण भूषण को टिकट मिला और उन्होंने चुनाव जीत लिया।
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